Garlic Bhav In Baran Mandi: बारां कृषि उपज मंडी में इन दिनों लहसुन की आवक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। शुरुआती दौर में ही बाहरी राज्यों से मांग निकलने के कारण लहसुन के भाव मजबूत बने हुए हैं और अच्छे दाम मिलने से किसानों व व्यापारियों में उत्साह देखा जा रहा है।
Garlic Demand Increased: दो हजार कट्टे लहसुन की आवक हो रही है। व्यापारियो ने उम्मीद जताई है कि आगामी सप्ताह में यह आवक बढक़र आठ से दस हजार कट्टे हो जाएगी। इस वर्ष शुरुआती दिशावरी लेवाली के चलते गत वर्ष की तुलना में भाव अच्छे बने हुए है।
गत वर्ष भावों में गिरावट के चलते इस वर्ष जिले में लहसुन का करीब आठ हजार हैक्टेयर का रकबा टूट गया। गत वर्ष जहां 38 हजार हैक्टेयर में लहसुन की बुवाई हुई थी, वहीं इस वर्ष किसानों ने कम रुचि दिखाते हुए केवल 30 हजार हैक्टेयर रकबे में ही लहसुन का उत्पादन किया है। वहीं इस बार खेतों में फसल की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और उत्पादकता प्रति हैक्टेयर करीब 45 क्विंटल तक आ रही है।
मंडी में 15 मार्च के बाद से नए लहसुन की आवक शुरु हो गई थी। गुरुवार को मंडी में उंटी किस्म के लहसुन के भाव उपर में 14 हजार 500 रुपए प्रति क्विंटल तक रहे। वही एवरेज माल 8 से 11 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक रहे। मंडी में देशी लहसुन में बॉक्स क्वालिटी 9000 से 10 हजार रुपए, फूलगोला 6000 से 8 हजार रुपए, लड्डू 3500 से 5000 रुपए तथा लाटरी 2500 से 3500 रुपए प्रति क्विंटल तक रहे।
मंडी में इस वर्ष लहसुन के शुरुआती भाव काफी ठीक रहे हैं, जिससे किसानों और व्यापारियों में उत्साह देखा जा रहा है। जबकि गत वर्ष शुरुआती दौर में भाव ऊपर में करीब 5 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक ही सीमित थे। इसके मुकाबले इस बार भावों में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है और किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिल रहा है।
लहसुन व्यापार संघ के अध्यक्ष जगदीश बंसल ने बताया कि इस बार शुरुआती दोर में ही बाहरी मांग निकलने से भावो अच्छे स्तर पर बने हुए है। यहां के लहसुन की देश के विभिन्न राज्यो में मांग बनी हुई है। जिसमें साउथ समेत महाराष्ट्र, वेस्ट बंगाल, गुजरात तथा बिहार में लहसुन भिजवाया जा रहा है। गुजरात तथा महाराष्ट्र में उंटी समेत बॉक्स क्वालिटी की अधिक डिमाण्ड रहती है। वही बिहार तथा बंगाल में फूलगोला, लड्डू तथा लाटरी की मांग रहती है।