
Baran Diwali : बारां। दीपावली पर आतिशबाजी का शौक इस बार लोगों की जेब पर भारी पड़ सकता है। पटाखा बाजार में इस साल कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। कच्चे माल की कीमतों और उत्पादन लागत में इजाफे के चलते कंपनियों ने नई दरें जारी की हैं। ऐसे में लोगों को पिछले साल के मुकाबले आतिशबाजी पर अधिक खर्च करना पड़ेगा। पटाखा कारोबारियों के अनुसार, आतिशबाजी का कारोबार मुख्य रूप से तमिलनाडु के शिवाकाशी से होने वाली आपूर्ति पर निर्भर है। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर भी बाजार पर पड़ा है। शहर के थोक आतिशबाजी विक्रेता मुकेश गुप्ता ने बताया कि ग्रीन पटाखों का चलन बढ़ने और उत्पादन लागत में इजाफे से कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई है। अप्रैल के बाद ही व्यापारियों को नई दर सूची भेजकर बढ़ी कीमतों की जानकारी दे दी गई थी।
बारां के पटाखा विक्रेता हेमंत गुप्ता ने बताया कि बड़ी कंपनियों के पटाखों के दाम भी करीब 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़े हैं। चकरी, फूलझड़ी, अनार, बुलेट बम, चिटपुट, गंगा-जमुना और मटका अनार सहित कई तरह की आतिशबाजी महंगी हो गई है। पटाखों की बिक्री मुख्य रूप से दीपावली के आसपास होती है। व्यापारी सालभर इस त्योहार की तैयारी करते हैं, लेकिन लागत बढ़ने से कारोबार का गणित प्रभावित हुआ है। इसके बावजूद ग्राहकों को उचित कीमत पर बेहतर गुणवत्ता के पटाखे उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
बारां शहर में कोटा रोड स्थित सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में खेल संकुल के समीप आतिशबाजी बाजार सजाया जाएगा। प्रशासन ने करीब 92 दुकानदारों को अस्थायी लाइसेंस जारी कर दुकानों का आवंटन किया है। अब दुकानें बनाने का काम शुरू हो गया है। अस्थायी लाइसेंसधारी धर्मेन्द्र शर्मा, मनोज सैनी और अनिल सेन ने बताया कि कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन कारोबारी मुनाफे में कुछ कमी कर ग्राहकों पर इसका असर कम करने का प्रयास करेंगे।
पटाखा कारोबारियों ने आमजन से खरीदारी के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है। उनका कहना है कि भरोसेमंद ब्रांड के पटाखे खरीदें और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। केवल कम कीमत के बजाय गुणवत्ता को प्राथमिकता दें, ताकि त्योहार की खुशियां किसी हादसे में न बदलें।