क्षेत्र के जंगलों से इस बार वन्यजीव गणना में खुशखबरी आई है। वन्यजीवों का कुनबा अपेक्षाकृत पिछली गणना के मुकाबले बढ़ा है। जो वन विभाग के साथ-साथ क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों के लिए भी हर्ष का विषय है। दो साल बाद हुई गणना गुरुवार सुबह से 24 घंटे तक चली और शुक्रवार सुबह संपन्न हुई। क्षेत्र के 16 वाटर होल पर लगातार निगरानी कर की गई वन्यजीव गणना में काफी सारे वन्यजीव नजर आए। 32 कर्मचारी और वन सुरक्षा समिति के सदस्यों पदाधिकारियों के सहयोग से हुई इस वन्यजीव गणना के बाद शाहाबाद क्षेत्र में वन्यजीवों का कुनबा बढ़ता खुशी की बात है। 24 घंटे रही निगरानी के दौरान दिन के उजाले तथा धवल चांदनी रात में भी वन्यजीव नजर आए शाहाबाद क्षेत्र के जंगलों में मचान बनाकर पेड़ों पर 24 घंटे निगरानी की। पर्याप्त संरक्षण, बेहतर सुरक्षा हो तो यह कुनबा और बढ़ सकता है। वन्य जीवों का कुनबा बढऩे से शाहाबाद क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को बल मिलेगा। कूनो पालपुर से सटे जंगलों में छोड़े गए चीतों के साथ वन्यजीवों की बढ़ती संख्या आने वाले दिनों में पर्यटन के लिहाज से क्षेत्र के लिए बेहतर साबित होगी।
शेरगढ़ अभयारण्य : धवल चांदनी रात में कुछ इस तरह दिखी जंगल की गतिविधियां
शाहाबाद. क्षेत्र के जंगलों से इस बार वन्यजीव गणना में खुशखबरी आई है। वन्यजीवों का कुनबा अपेक्षाकृत पिछली गणना के मुकाबले बढ़ा है। जो वन विभाग के साथ-साथ क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों के लिए भी हर्ष का विषय है। दो साल बाद हुई गणना गुरुवार सुबह से 24 घंटे तक चली और शुक्रवार सुबह संपन्न हुई। क्षेत्र के 16 वाटर होल पर लगातार निगरानी कर की गई वन्यजीव गणना में काफी सारे वन्यजीव नजर आए। 32 कर्मचारी और वन सुरक्षा समिति के सदस्यों पदाधिकारियों के सहयोग से हुई इस वन्यजीव गणना के बाद शाहाबाद क्षेत्र में वन्यजीवों का कुनबा बढ़ता खुशी की बात है। 24 घंटे रही निगरानी के दौरान दिन के उजाले तथा धवल चांदनी रात में भी वन्यजीव नजर आए शाहाबाद क्षेत्र के जंगलों में मचान बनाकर पेड़ों पर 24 घंटे निगरानी की। पर्याप्त संरक्षण, बेहतर सुरक्षा हो तो यह कुनबा और बढ़ सकता है। वन्य जीवों का कुनबा बढऩे से शाहाबाद क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को बल मिलेगा। कूनो पालपुर से सटे जंगलों में छोड़े गए चीतों के साथ वन्यजीवों की बढ़ती संख्या आने वाले दिनों में पर्यटन के लिहाज से क्षेत्र के लिए बेहतर साबित होगी।
और अधिक हो सकता है जीवों का आंकड़ा
वन विभाग का मानना है कि वाटरहोल पद्धति से वहीं प्राणी चिह्नित होते हैं, जो यहां पहुंचते हैं। ऐसे में जंगलों में और भी वन्यजीव हो सकते हैं।
363 वन्यजीव दिखे
जलवाड़ा. गणना में वॉटर पॉइंट पर विभिन्न प्रकार के वन्य जीव आए। क्षेत्रीय वन अधिकारी हरिराम चौधरी के अनुसार 6 वॉटर पॉइंट थे। इसमें 8 जरख, 24 लोमड़ी, 76 सियार, 7 भेडिय़ा 11, जंगली बिल्ली 131, नील गाय 63, जंगली सूअर 24, सारस 8, मगरमच्छ व 11 गिद्ध नजर आए।
पैंथर, जरख, भेडिय़ा बढ़े, भालू कम हुए
वर्ष कुल वन्यजीव
2022-23 876
2023-24 944
वन्यजीव पहले अब
पैंथर 5 2
जरख 15 20
भेडिय़ा 4 7
भालू 5 2
गिद्ध 130 197
भेडिय़ा व सियार दिखे
किशनगंज. वन विभाग की ओर से वन्यजीवों की गणना के लिए 6 वाटर पॉइंट बनाकर वन्य जीव गणना की गई। रेंजर हरिराम चौधरी ने बताया कि रेंज क्षेत्र में 6 स्थानों को चिह्नित कर वाटर होल बनाए गए हैं। इनमें भडक़ा बिलासगढ़, गुंदलाकुई, बांझआमली, बिलासी डेम, कूल नदी एनिकट,, पुष्कर तालाब रामगढ़, पार्वती नदी आदि शामिल हैं। रेंज क्षेत्र में चिन्हित किए गए वाटर होल पर 8 जरख, 24 लोमड़ी, 76 सियार, 7 भेडिय़ा, 11 जंगली बिल्ली, 131 नीलगाय, 63 जंगली सुअर, 24 सारस, 8 मगरमच्छ, 11 गिद्ध नजर आए। वन्य जीव गणना के दौरान कन्यादान स्थित भडक़ा वाटर होल पर देर रात 12 बजे डीएफओ अनिल यादव वह एसीएफ नवनीत शर्मा ने औचक निरीक्षण कर गणना का जायजा लिया।
कई वन्यजीव दिखे
गऊघाट. शेरगढ़ अभयारण्य में गुरुवार को वैशाख पूर्णिमा पर वन्यजीव गणना शुरू हुई। इस दौरान छोटे-बड़े कई जंगली जानवर नजर आए। शुक्रवार सुबह आठ बजे तक चली इस गणना को 17 प्वाइंट पर किया गया। शेरगढ़ रेंजर जितेंद्र खटीक ने बताया कि गणना में बघेरा 8, जंगली बिल्ली 45, मगरमच्छ 23, लंगूर 320, पाटागोह 67, मोर 179, नीलगाय 305, ङ्क्षचकारा 233, जंगली सुअर 226, सेही 13, काला हरिण 73, भेडिया नीलगाय, सियागोश, लोमड़ी, नेवला, सांभर व पैंथर 6 सहित अन्य वन्यजीवों को दर्ज किया गया। जंगल के मुख्य क्षेत्रों में भी मचान पर मुकेश नाथ अनिता चौधरी नरेंद्र कुमार तीन दर्जन वनकर्मी लगाए गए।
231 वन्यजीव चिह्नित, जंगली बिल्ली और लोमड़ी कैमरे में कैद
भंवरगढ़ ञ्च पत्रिका. क्षेत्र के दो वाटर प्वाइंटों पर 24 घंटे तक चली वन्यजीव गणना में 231 वन्य जीव चिन्हित किए गए। गुरुवार रात्रि को उपवन संरक्षक अनिल यादव वह सहायक वन संरक्षक नवनीत शर्मा द्वारा क्षेत्र के वाटर होल प्वाइंटों पर पहुंचकर निरीक्षण कर कर्मचारियों की हौसला अफजाई की। वन्य जीव गणना को लेकर वन विभाग द्वारा भंवरगढ़ क्षेत्र में बनाए गए दो वाटर पॉइंट बिलासी डैम एवं भडक़ा प्रताप पर कई वन्य जीव प्यास बुझाने आए तो विभाग के कर्मचारियों में उन्हें चिन्हित किया। वनपाल दीनदयाल सहरिया ने बताया कि कस्बे के बिलासी बांध पर बनाए गए वाटर पॉइंट पर गुरुवार सुबह 8 बजे से शुक्रवार सुबह 8 बजे तक 17 नीलगाय, 32 लंगूर बंदर, 15 सियार 8 सारस,19 जंगली सूअर, 7 लोमड़ी, 2 मगरमच्छ, 10 मोर, एक जरख, 2 जंगली बिल्ली वह 8 गिद्ध, चिन्हित किए गए। भडक़ा प्रपात पर तैनात वनपाल पवन सहरिया ने बताया कि यहां बनाए गए वाटर पॉइंट पर गुरुवार सुबह 8 बजे से शुक्रवार सुबह 8 बजे तक 40 बंदर, 20 मोर, 2 मगरमच्छ, 8 सियार, वह 40 नीलगाय चिन्हित की गई। इनके सहयोग के लिए विभाग द्वारा वनरक्षक ङ्क्षपकी सहरिया, ज्योति नागर,वह राम प्रसाद मीणा तैनात किया गया था।