Braeilly: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बरेली रेंज पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल सेंटर, डिजिटल अरेस्ट और यूपीआई फ्रॉड जैसे अपराधों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने पिछले छह महीनों में 506 मुकदमे दर्ज कर 72 साइबर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बरेली रेंज पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल सेंटर, डिजिटल अरेस्ट और यूपीआई फ्रॉड जैसे अपराधों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने पिछले छह महीनों में 506 मुकदमे दर्ज कर 72 साइबर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की ठगी गई रकम भी होल्ड और रिकवर कराई गई है। प्रदेश में साइबर अपराध पर सख्त कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद डीआईजी बरेली रेंज अजय कुमार साहनी की निगरानी में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में लगातार अभियान चलाया गया। हर जिले में साइबर थाना, साइबर सेल और थानों पर साइबर हेल्पडेस्क सक्रिय की गईं। पुलिस टीमों ने तकनीकी सर्विलांस, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल डाटा के आधार पर साइबर गैंगों का नेटवर्क तोड़ा।
साइबर ठगी से जुड़े 8697 प्रार्थना पत्र पुलिस को मिले, जिनमें से 6103 शिकायतों का निस्तारण किया गया। कार्रवाई के दौरान 7 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक की रकम होल्ड कराई गई, जबकि एक करोड़ रुपये से ज्यादा रकम पीड़ितों को वापस दिलाई गई। पुलिस का दावा है कि समय रहते शिकायत करने वालों की रकम बचाने में बड़ी सफलता मिली है। बरेली साइबर थाना पुलिस ने रेलवे जंक्शन इलाके से अंतरराज्यीय मोबाइल चोर और साइबर अपराधी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से करीब 15 लाख रुपये कीमत के 45 चोरी के मोबाइल बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों से मोबाइल चोरी कर यूपीआई के जरिए लोगों के खातों से रकम उड़ाते थे।
बदायूं पुलिस ने नई सराय इलाके में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर पांच साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस लेकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने मौके से लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन और 23 सिम कार्ड बरामद किए। अब तक करीब साढ़े चार लाख रुपये की ठगी सामने आ चुकी है। सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि साइबर जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है। बरेली रेंज में 2166 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ऑनलाइन गेमिंग, निवेश धोखाधड़ी और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने की सलाह दी गई। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने आमजन से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या लालच देने वाले ऑफर पर भरोसा न करें और साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।