
बरेली। 1966 में आई फ़िल्म मेरा साया का गाना झुमका गिरा रे बरेली के बाजार में जब साधना पर फिल्माया गया तब से ही बरेली के साथ झुमके का नाम भी जुड़ गया और यहां आने वाले हर शख्स के जेहन में बरेली का झुमका रहता है लेकिन अभी तक कोई ऐसी जगह नहीं है जिससे बरेली को झुमके वाला शहर कहा जा सके। लेकिन अब बरेली विकास प्राधिकरण बरेली के झुमके को पहचान दिलाने जा रहा है। बीडीए वीसी आईएएस अफसर दिव्या मित्तल की पहल पर शहर के इंट्री प्वाइंट पर विशालकाय झुमके को लगाने का काम शुरू हो गया है। जल्द ही परसाखेड़ा के जीरो प्वाइंट पर सड़क से 28 फिट ऊंचा झुमका लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।
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पहले भी हुई कोशिश
बरेली में झुमके को लगाने की कोशिश पहले भी हुई लेकिन ये योजना कुछ दिन बाद ठप हो गई। पहले झुमका लगाने के लिए डेलापीर चौराहा उसके बाद कम्पनी बाग को चुना गया लेकिन इन दोनों जगहों पर झुमका नहीं लग पाया। लोगों से झुमके के डिजाइन भी मांगे गए थे। अब बीडीए ने एक बार फिर झुमका लगवाने का प्रोजेक्ट तैयार किया है और बीडीए शहर के जाने माने डॉक्टर केशव अग्रवाल की मदद से लखनऊ-दिल्ली रोड पर शहर के इंट्री प्वाइंट पर झुमका लगवाने का काम शुरू हो गया। झुमका लगवाने के लिए जीरो प्वाइंट पर सर्वे का कार्य पूरा हो गया है जल्द ही यहां पर झुमका नजर आएगा।
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अगस्त में हो जाएगा काम पूरा
बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने बताया कि फ़िल्म के गाने की वजह से बरेली की पहचान झुमके से भी है और इस लिए पर्यटन की दृष्टि से विभाग ने शहर के इंट्री प्वाइंट परसाखेड़ा के जीरो प्वाइंट को झुमका तिराहे के तौर पर विकसित करने का काम शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 40 से 50 लाख का खर्च आएगा और अगस्त में बीडीए का ये कार्य पूरा हो जाएगा।