प्रेमनगर के गुलमोहर पार्क में 24 जुलाई 2019 को बैंक अधिकारी दंपति नीरज सत्संगी और उनकी पत्नी रूपा सत्संगी की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-7 बरेली तबरेज़ अहमद ने आरोपी अनुराग भागवानी उर्फ अन्नू को दोषी करार देते हुए धारा 302, 452 और 394 भा.दं.सं. के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई।
बरेली। प्रेमनगर के गुलमोहर पार्क में 24 जुलाई 2019 को बैंक अधिकारी दंपति नीरज सत्संगी और उनकी पत्नी रूपा सत्संगी की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-7 बरेली तबरेज़ अहमद ने आरोपी अनुराग भागवानी उर्फ अन्नू को दोषी करार देते हुए धारा 302, 452 और 394 भा.दं.सं. के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसे जुर्माने से भी दंडित किया गया है। हालांकि धारा 411 में अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष ने फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से यह साबित कर दिया कि आरोपी ने बैंक अफसर दंपति की हत्या कर उनके घर से लूटपाट की थी। लेकिन धारा 411 (चोरी का माल कब्जे में रखने) में पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण उसे दोषमुक्त कर दिया गया।
अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज़ अहमद ने अपने आदेश में कहा कि इस तरह का जघन्य अपराध समाज के लिए खतरे की घंटी है। आरोपी ने न केवल हत्या की बल्कि लूट की वारदात को भी अंजाम दिया, इसलिए उसे कठोरतम सजा दी जाती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सबूत और गवाह अभियोजन पक्ष के दावे को पुष्ट करते हैं।
करीब छह साल तक चली सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया गया। मृतक दंपति का बेटा जतिन सत्संगी और परिजनों ने इसे इंसाफ की जीत बताया। उन्होंने अदालत के निर्णय पर संतोष जताया और कहा कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें न्याय मिला है।
24 जुलाई 2019 रात के अंधेरे में व्यापारी 65 वर्षीय नीरज सत्संगी और उनकी पत्नी रूपा सत्संगी (असिस्टेंट मैनेजर, सेंट्रल बैंक) की उनके घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। दोनों के सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया। बेटे जतिन को इसकी खबर पड़ोसियों से फोन पर मिली थी। गुड़गांव से भागकर बरेली पहुंचे जतिन ने देखा उसके माता-पिता खून से सने पड़े हैं और अब कभी वापस नहीं आएंगे।
पुलिस की जांच में मामला खुलने लगा। पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे में हत्यारा कैद हो गया। उसने टोपी और मास्क पहन रखा था। महज दस मिनट में कत्ल कर छत से कूद भागा। बैग साथ लाया था ताकि खून लगे कपड़े बदल सके, मगर घबराहट में बैग वहीं छोड़ गया। पुलिस ने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की और इनाम घोषित कर तलाश शुरू कर दी।
अनुराग भागवानी कभी ड्राइवर रहा, कभी ऑटो चलाया। आईपीएल से लेकर गली-कूचों तक का सट्टा खेलने का शौकीन था। कर्ज सिर चढ़ चुका था। घर का खर्च पत्नी के ब्यूटी पार्लर की कमाई से चलता, मगर किराया तक मुश्किल से निकलता। यहीं से उसकी मुलाकात हुई रूपा सत्संगी से हुई, पड़ोसियों की मानें तो नजदीकियां इतनी बढ़ीं कि मोहल्ले में चर्चाएं होने लगीं। अनुराग का दावा है रूपा अपने बीमार पति से आजिज हो चुकी थीं और उसने ही पति से छुटकारा दिलाने और उसे पांच लाख रुपये देने का लालच दिया और अनुराग फंस गया।
कत्ल की रात जब वह फरार हुआ, तो दूसरी मंजिल से कूद पड़ा। करीब 22 फीट की छलांग में उसकी कमर की हड्डी टूट गई। दर्द से कराहता रहा लेकिन बच निकला। अब हालत ऐसी है कि जेल में भी चलना-फिरना मुश्किल है और अस्पताल में इलाज जारी है।