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एक ही दिन पहले मनाया था बर्थडे… सर्किट हाउस में विधायक कर रहे थे मीटिंग, उसी समय आया अटैक

Shyam Bihari Lal death : बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह 60 वर्ष के थे।

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बरेली की फरीदपुर सीट से विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का निधन, PC- Patrika

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का 2 जनवरी 2026 को अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह मात्र 60 वर्ष के थे। एक दिन पहले ही, 1 जनवरी को उन्होंने अपना जन्मदिन धूमधाम से मनाया था, और अगले दिन मौत ने उन्हें हमसे छीन लिया। उनके निधन से न केवल फरीदपुर क्षेत्र, बल्कि पूरे बरेली जिले और भाजपा संगठन में शोक की लहर दौड़ गई है।

घटना उस समय घटी जब डॉ. लाल बरेली सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल थे। दोपहर करीब सवा दो बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई और वह बैठक के दौरान ही गिर पड़े। तुरंत उन्हें मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। परिवार के अनुसार, उन्हें पहले भी हृदय संबंधी समस्याएं थीं, लेकिन यह अटैक इतना गंभीर था कि कोई मौका नहीं मिला।

शिक्षा जगत से राजनीति तक का सफर

डॉ. श्याम बिहारी लाल का जन्म 1 जनवरी 1966 को बरेली में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शिक्षा के क्षेत्र से की। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपी रोहिलखंड यूनिवर्सिटी) में प्रोफेसर और इतिहास विभाग के हेड रहे। लंबे समय तक छात्रों को पढ़ाने वाले डॉ. लाल अनुशासन, ईमानदारी और मेहनत के प्रतीक थे। उनके कई शिष्य आज उच्च पदों पर हैं।

शिक्षा के बाद उन्होंने महसूस किया कि व्यवस्था बदलने के लिए नीति-निर्धारण में भागीदारी जरूरी है। भाजपा से जुड़कर उन्होंने फरीदपुर (आरक्षित) सीट से चुनाव लड़ा। 2017 और 2022 में लगातार दो बार विधायक चुने गए। जनता का उन्हें बार-बार चुना जाना उनके काम और सादगी का प्रमाण था। वह बड़े वादों से दूर, छोटे-ठोस कामों में विश्वास रखते थे – सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर हमेशा सक्रिय।

जनता से गहरा जुड़ाव और साफ-सादा स्वभाव

डॉ. लाल की सबसे बड़ी पहचान थी उनकी सरलता और सहजता। वह कभी खुद को जनता से अलग नहीं मानते थे। गांव की चौपाल हो या शहर की बैठक, हर जगह सामान्य अंदाज में लोगों से मिलते। समस्याएं सुनने के लिए औपचारिकता का इंतजार नहीं करते थे – रास्ते में मिलें तो वहीं रुककर बात कर लेते। फरीदपुर ही नहीं, पूरे जिले में उन्हें सम्मान की नजर से देखा जाता था। लोग उन्हें "भरोसेमंद नेता" कहते थे, जो सुख-दुख में साथ खड़ा रहता था।

निजी जीवन में भी डॉ. लाल सादगी के प्रतीक थे। उनकी पत्नी मंजू लता, दो बेटियां और एक बेटा है। एक बेटी रक्षा संपदा विभाग में अधिकारी हैं। परिवार हमेशा उनके साथ खड़ा रहा।

उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "फरीदपुर से विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल जी के निधन से गहरा दुख पहुंचा है। वह जनसेवा के प्रति समर्पित भाजपा नेता थे। पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। परिवार और समर्थकों को मेरी संवेदना। ओम शांति!"

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक जताया और X पर लिखा 'बरेली के फरीदपुर से विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल जी का आकस्मिक निधन अत्यंत दुखद है। विनम्र श्रद्धांजलि।'

डॉ. श्याम बिहारी लाल का जाना बरेली की राजनीति के लिए बड़ी क्षति है। वह ईमानदारी, सादगी और जनसेवा की मिसाल थे, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे। उनके निधन से क्षेत्र में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। ओम शांति!


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