कैफे में घुसकर हंगामा, मारपीट और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले ऋषभ ठाकुर पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त चाबुक चला दिया। सुभाषनगर के डॉ. खंडेलवाल वाली गली निवासी ऋषभ ठाकुर को एडीएम सिटी कोर्ट के आदेश पर जिले से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
बरेली। कैफे में घुसकर हंगामा, मारपीट और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले ऋषभ ठाकुर पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त चाबुक चला दिया। सुभाषनगर के डॉ. खंडेलवाल वाली गली निवासी ऋषभ ठाकुर को एडीएम सिटी कोर्ट के आदेश पर जिले से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। बुधवार को सुभाषनगर पुलिस ने आरोपी को बरेली की सीमा से बाहर बदायूं छोड़ दिया।
28 दिसंबर को प्रेमनगर थाना क्षेत्र के राजेंद्रनगर स्थित एक कैफे में जन्मदिन मना रही छात्रा और उसके दोस्तों पर ऋषभ ठाकुर ने साथियों के साथ धावा बोल दिया था। आरोप है कि उसने कैफे में जमकर तोड़फोड़ की और युवकों के साथ मारपीट कर दहशत फैला दी थी। मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मच गई थी।
हंगामे के दौरान ऋषभ ठाकुर ने खुद को बजरंग दल का पदाधिकारी बताते हुए दबदबा बनाने की कोशिश की थी। यही नहीं, छात्रा के साथ मौजूद शान और वाकिफ को लेकर उसने पूरे मामले को दो समुदायों का रंग देने की कोशिश की, जिससे इलाके में तनाव फैलने का खतरा पैदा हो गया था। कैफे संचालक शैलेंद्र गंगवार ने ऋषभ ठाकुर, दीपक पाठक समेत 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी का मकसद सिर्फ मारपीट नहीं, बल्कि माहौल खराब कर दहशत फैलाना भी था।
17 जनवरी को ऋषभ ठाकुर ने कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। हाल ही में जमानत पर बाहर आने के बाद प्रशासन ने उसके खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर का आदेश सुना दिया। बुधवार को सुभाषनगर इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम आरोपी को जिले की सीमा से बाहर बदायूं छोड़ आई। मुनादी कराकर साफ संदेश दे दिया गया कि बरेली में गुंडई, दहशत और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।