कासगंज हिंसा पर विवादित पोस्ट करने के बाद डीएम आर विक्रम सिंह पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
बरेली। फेसबुक पर विवादित टिप्पणी करने वाले जिलाधिकारी आर विक्रम सिंह सोमवार को बरेली लौट आए, लेकिन अभी भी उनके ऊपर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कमिश्नर ने उनके खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी है। जबकि डीएम दो महीने बाद अप्रैल में रिटायर होने वाले हैं।
विवाद के बाद शुक्रवार को दिखे
फेसबुक प्रकरण के बाद शुक्रवार को आर विक्रम सिंह पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखे। कानून मंत्री ब्रजेश पाठक के कार्यक्रम में पहुंचे डीएम हमेशा की तरह आश्वस्त एवं कूल नजर आ रहे थे। इससे ये समझा जा रहा था कि डीएम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से अभयदान मिल गया है, लेकिन इस बीच कमिश्नर की रिपोर्ट से मामले ने तूल पकड़ लिया है। हालांकि कमिश्नर ने इस मामले में चुप्पी साध ली है।
डीएम के खिलाफ रिपोर्ट
सूत्रों की माने तो कमिश्नर पीवी जगनमोहन ने जिलाधिकारी की फेसबुक टिप्पणी को गलत और गैर जिम्मेदाराना बताते हुए उन पर कार्रवाई की सिफारिश की है। डीएम की फेसबुक पोस्ट को सरकार ने गंभीरता से लिया था और मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक दीपक त्रिवेदी ने इसकी जांच कमिश्नर बरेली को सौंपी थी। कमिश्नर ने अपनी जांच रिपोर्ट नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को सौंप दी है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने इस रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए ऊपर भेज दिया है।
क्या था मामला
कासगंज में हुए बवाल के बाद जिलाधिकारी ने फेसबुक पर पोस्ट किया था कि अजब रिवाज बन गया है। मुस्लिम मोहल्लों में ज़बरदस्ती जलूस ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ। क्यों भाई वे पकिस्तानी हैं क्या ?यही यहां बरेली में खैलम में हुआ था. फिर पथराव हुआ, मुकदमे लिखे गए। जिलाधिकारी की इस पोस्ट के बाद हड़कम्प मच गया था और भाजपा विधायक ने जिलाधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा था कि ऐसे लोगों की जगह जेल में होनी चाहिए। वहीं जब कमिश्नर से इस बारे में बात करने की कोशिश की गई तो वो बचते नजर आए।