26 सितंबर को हुए बवाल के बाद पुलिस ने बुधवार को ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो जारी किए। इन वीडियोज़ में साफ दिख रहा है कि जुमे की नमाज के बाद खलील तिराहे पर भीड़ कैसे बेकाबू हुई और पुलिस ने उसे काबू में करने के लिए लाठियां भांजीं।
बरेली। 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद पुलिस ने बुधवार को ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो जारी किए। इन वीडियोज़ में साफ दिख रहा है कि जुमे की नमाज के बाद खलील तिराहे पर भीड़ कैसे बेकाबू हुई और पुलिस ने उसे काबू में करने के लिए लाठियां भांजीं।
पुलिस के मुताबिक भीड़ ने दुकानों और गाड़ियों पर जमकर पथराव और तोड़फोड़ की थी। हालात इतने बिगड़े कि आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस हिंसा में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने “आई लव मोहम्मद” के समर्थन में भीड़ जुटाने की अपील की थी। लेकिन जब वह मौके पर पहुंचे ही नहीं तो भीड़ अराजक हो गई और माहौल बिगड़ गया।
हिंसा के बाद पुलिस ने अलग-अलग थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए। इनमें 125 नामजद और करीब 3 हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज है। सात मुकदमों में मौलाना तौकीर रजा का नाम शामिल है। मामले की जांच के लिए एसएसपी अनुराग आर्य ने एसआईटी बना दी है। इसकी कमान एसपी सिटी मानुष पारीक के पास है।
अब तक 75 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें मौलाना तौकीर रजा, डॉ. नफीस और नदीम खान जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। बुधवार को दो और आरोपियों को मुठभेड़ के बाद दबोचा गया। पुलिस की गोली दोनों के पैरों में लगी। दोनों शाहजहांपुर के मदनापुर इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस का दावा है कि नदीम खान ने ही उन्हें बरेली बुलाया था और ये भीड़ का हिस्सा बने थे।