बच्चे की मौत के बाद पिता ने डॉक्टर और नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
बरेली। जिला अस्पताल के डॉक्टर और नर्स पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक गरीब बाप से अस्पताल में तैनात डॉक्टर और नर्स ने रिश्वत मांगी और जब वो रिश्वत नहीं दे पाया तो उसके बच्चे का इलाज करने से मना कर दिया और इलाज के अभाव में बच्चे ने दम तोड़ दिया। सिस्टम की लापरवाही से अपने बच्चे की जान गंवाने वाले बाप ने अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए शव को अस्पताल में ही छोड़ कर स्टाफ की शिकायत मुख्यमंत्री से करने लखनऊ चला गया लेकिन उसकी सीएम से मुलाकात नहीं हो पाई वापस आकर उसने अस्पताल के डॉक्टर और नर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मांगी रिश्वत
बदायूं के उघैती थाना क्षेत्र के गांव बाला किशनपुर के रहने वाला धर्मपाल तेज बुखार से तड़प रहे अपने बेटे दीनदयाल को सबसे पहले बदायूं के जिला अस्पताल ले गया जहां डॉक्टरों ने हालत ज्यादा गम्भीर होने पर बरेली जिला अस्पताल रेफर कर दिया। धर्मपाल का आरोप है कि बरेली जिला अस्पताल पहुंचने पर उनके साथ डॉक्टरों ने बदसलूकी की और डॉक्टर ने दस हजार व नर्स ने इलाज करने के लिए पांच सौ रूपए मांगे और वो जब रुपए नहीं दे सका तो बच्चे का इलाज नहीं किया। जब बच्चे को लखनऊ ले जाने की नौबत आई तो पांच घण्टे बाद एम्बुलेंस पहुंची। जिस वजह से मासूम दीनदायल की तड़प तड़प कर मौत हो गई। बेटे की मौत से पिता बिल्कुल टूट गया और बेटे का शव छोड़कर सीधे रात में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ की गुहार लगाने के लिए लखनऊ निकल पड़ा। लेकिन लखनऊ में सीएम योगी से उसकी मुलाकात नहीं हो सकी और बरेली पहुंचकर उसने जिला अस्पताल के डॉक्टर और नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
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मुकदमा हुआ दर्ज
इस मामले में एसपी सिटी अभिनन्दन सिंह का कहना है कि बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। धर्मपाल की तहरीर पर जिला अस्पताल के डॉक्टर और नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।