राजेंद्रनगर में झूलेलाल गेट के पास गाला गैलेक्सी के मालिक सुनील मनचंदा अवैध निर्माण करवा रहे हैं। सुनील मनचंदा की कई बिल्डिंगों के खिलाफ शिकायतें बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मनिकंडन ए, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल और आईजीआरएस, मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई है।
बरेली। राजेंद्रनगर में झूलेलाल गेट के पास गाला गैलेक्सी के मालिक सुनील मनचंदा अवैध निर्माण करवा रहे हैं। सुनील मनचंदा की कई बिल्डिंगों के खिलाफ शिकायतें बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मनिकंडन ए, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल और आईजीआरएस, मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई है। इनमें नक्शे के विपरीत बीडीए अफसरों से साठगांठ निर्माण और आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियां करने का आरोप है।
गाला गैलेक्सी और पीछे वाली बिल्डिंगे हो चुकीं सील
गाला गैलेक्सी होटल को तीन साल पहले सील किया गया था, लेकिन अभी भी यह होटल चल रहा है। इसके अलावा, गाला गैलेक्सी के पीछे दो नई बिल्डिंगों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें एक 1200 गज में बेसमेंट के साथ पार्किंग और सेट बैक स्पेस छोड़े बिना बनाई जा रही है। जबकि इसकी रजिस्ट्री आवासीय में हुई है। वहां होटल को बड़ा करने के लिये कामर्शियल निर्माण कराया जा रहा है। राजेंद्रनगर की आकांक्षा सक्सेना ने आईजीआरएस पर शिकायत की है कि राजेंद्रनगर में स्थित गाला गैलेक्सी होटल में अभी भी बिना पार्किंग के होटल चलाया जा रहा है। इसमें मुख्य सड़क के किनारे पर जगह नहीं छोड़ी गई है। इससे सोसायटी के निवासियों को जाम का सामना करना पड़ता है।
बीडीए ने की थी बिल्डिंग सील, अब धड़ल्ले से हो रहा निर्माण
गुल मोहर पार्क के रहने वाले विकास यादव ने मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल को शिकायत की है। इसमें कहा है कि सुनील मनचंदा दो होटलों का निर्माण विकास प्राधिकरण के मानकों के विपरित कर रहा है। इसके अलावा प्रेमनगर मैकेनियर रोड पर गाला एजेंसीज और दीपक बुक डिपो और सुनील मनचंदा के घर का नक्शा पास नहीं है। प्रेमनगर में गाला के सामने पार्किंग नहीं है। गाला होटल वाली कॉलोनी की सड़क पर कब्जा कर रखा है। आठ माह से चार मंजिला इमारत पर काम चल रहा है, इस पर भी कई अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती। सुनील मनचंदा ने बताया कि उनके बिल्डिंगों के तमाम नक्शे पास हैं और उन्हें गलत तरीके से बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ शिकायतें पारिवारिक विवादों में की जा रही हैं। फर्जी शिकायतें गलत नामों से की जा रहीं हैं।