
बरेली .सरकार ने शर्तों के साथ कुछ उद्योगों को चलाने की अनुमति दे दी है लेकिन जो शर्तें लगाई हैं उससे फिलहाल जल्द उद्योग शुरू होने की उम्मीद नहीं है। उधमियों का कहना है कि सरकार ने छूट देकर अच्छा काम किया है लेकिन उन्हें तैयारी करने में अभी करीब चार से पांच दिन और लग जाएंगे। उद्योग को शुरू करने में सबसे ज्यादा समस्या मजदूरों की और कच्चे माल की है। फैक्ट्री मालिकों को पहले मजदूरों और स्टाफ का इंतजाम करना होगा उसके बाद उनकी जांच करानी होगी जिसमे अभी कुछ वक्त लग सकता है। सरकार ने जिन उद्योगों को छूट दी ही इनमें स्टील, रिफाइनरीज, सीमेंट, रसायन, उर्वरक, वस्त्र, फाउंड्रीज, पेपर, टायर, कॉमन एफ्युएंट ट्रीटमेंट प्लांट और चीनी मिलें शामिल हैं।
ये हैं प्रमुख समस्या
भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के अध्यक्ष अजय शुक्ला का कहना है कि कुछ फैक्ट्री जैसे राइस मिल, दाल मिल, तेल मिल तो पहले से चल रही हैं लेकिन बाकी उद्योग को शुरू करने में अभी समय लग सकता है क्योकि फैक्ट्री मालिकों को सरकार की गाइडलाइंस के हिसाब से ही काम करना है। फैक्ट्री में काम करने के लिए मजदूरों की आवश्यकता होगी इसके बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराना है इसको लेकर प्रशासन से वार्ता करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी उद्योग शुरू करने के लिए कच्चे माल की भी आवश्यकता होती है लेकिन अभी ट्रांसपोर्ट बंद थे ऐसे में उधमियों के सामने कच्चे माल की भी समस्या रहेगी। इस लिए अभी जल्द उद्योग शुरू करना सम्भव नहीं है।
सड़कों पर टूटा सन्नाटा
वहीँ लॉक डाउन में छूट ,मिलने के बाद सड़कों का सन्नाटा टूटा लेकिन पुलिस सख्त नजर आई और बगैर बगैर मास्क के बाहर निकलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। कई जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां भी उड़ती हुई दिखी। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने कहा कि लोग लॉक डाउन के दौरान बहुत जरूरत हो तभी घर से निकले। बगैर मास्क के घर से निकले। लॉक डाउन का पालन करें और जो लॉक डाउन का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।