
चादरों का जुलूस लेकर दरगाह पहुंचे जायरीन।
Bareilly News:उर्स-ए-रजवी में इस बार देश-विदेश से आने वाले लाखों जायरीन की भीड़ को देखते हुए दरगाह आला हजरत प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उर्स के तीनों दिन व्यवस्था संभालने के लिए 1500 रजाकारों की बड़ी टीम मैदान में उतारी गई है। ये रजाकार 24 घंटे अलग-अलग शिफ्टों में तैनात रहकर दरगाह से लेकर शहर के प्रमुख चौराहों, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों तक जायरीन की हर संभव मदद करेंगे।
दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) के निर्देश पर गठित इस टीम की कमान सय्यद आसिफ मियां को सौंपी गई है। सभी रजाकारों को परिचय पत्र देकर उनकी ड्यूटी और जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं, ताकि उर्स के दौरान व्यवस्था पूरी तरह सुचारु बनी रहे।
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि रजाकारों की ड्यूटी आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टों में लगाई गई है। टीमें दरगाह परिसर, इस्लामिया मैदान, रेलवे जंक्शन, सेटेलाइट बस अड्डा, रोडवेज, कुतुबखाना, चौपला, किला, बिहारीपुर, नावेल्टी चौराहा, कुमार सिनेमा और अय्यूब खान चौराहे समेत सभी प्रमुख स्थानों पर तैनात रहेंगी। बाहर से आने वाले जायरीन को रास्ता बताने से लेकर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने तक की जिम्मेदारी यही टीमें निभाएंगी।
उर्स के धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। मंच संचालन कारी यूसुफ रजा संभली करेंगे, जबकि मुफ्ती अकिल रजवी, मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी, मुफ्ती सय्यद कफील हाशमी और मुफ्ती अय्यूब नूरी की निगरानी में देश-विदेश से आने वाले उलेमा तकरीर करेंगे। प्रशासनिक व्यवस्था, मीडिया, लंगर, पूछताछ केंद्र, ऑनलाइन प्रसारण, ट्रैफिक, रेलवे समन्वय और अन्य व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उधर उर्स की रौनक भी बढ़ने लगी है। दरगाह पर चादर पेश करने का सिलसिला शुरू हो गया है। सज्जादानशीन की अपील पर रहपुरा चौधरी से 108 फूलों की डलियों का जुलूस बिना डीजे के दरगाह पहुंचा। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ की।
उर्स के दौरान सामाजिक सेवा के तहत 2 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक हसीन मियां शादी हॉल, ईदगाह गेट, हुसैन बाग में विशाल निशुल्क हेल्थ कैंप लगाया जाएगा। कैंप में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मुफ्त परामर्श, दवाइयां, खून की जांच और जरूरतमंद मरीजों के ऑपरेशन के लिए निशुल्क पंजीकरण किया जाएगा। आयोजकों ने सभी धर्मों के लोगों से इस शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।
Updated on:
01 Aug 2026 06:22 pm
Published on:
01 Aug 2026 06:22 pm
