
आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी, PC- IANS
Bareilly Waqf Board Controversy: उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को लेकर एक बार फिर विवाद बढ़ गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने वक्फ बोर्ड की जमीनों में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि यह मामला अरबों रुपये की संपत्तियों से जुड़ा है। मौलाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। अब उन्होंने बरेली की दो वक्फ संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जिला अधिकारी को सौंपने की भी बात कही है।
मौलाना शहाबुद्दीन ने दावा किया कि बरेली की एक वक्फ संपत्ति की करीब 1400 बीघा जमीन को बेचने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत करीब 220 करोड़ रुपये है। इसके अलावा उन्होंने चांदपुर बीचपुरी की वक्फ संपत्ति का भी जिक्र किया और दावा किया कि उसकी वर्तमान कीमत करीब एक अरब रुपये है। उन्होंने कहा कि इन दोनों संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज उन्होंने जिला अधिकारी कार्यालय में जमा किए हैं, ताकि मामले की जांच हो सके।
वक्फ बोर्ड के मामले पर बोलते हुए मौलाना शहाबुद्दीन ने राम मंदिर चंदे के विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चंदे को लेकर उठाए जा रहे सवालों की तुलना वक्फ जमीनों के मामले से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जहां अखिलेश यादव राम मंदिर के चंदे में हुई चोरी की बात करते हैं, जो कि केवल 2.5 करोड़ से 3 करोड़ रुपये थी। वहीं, वक्फ बोर्ड की जमीन से जुड़ा घोटाला अरबों रुपयों का है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ संपत्तियों से मिलने वाली आमदनी का इस्तेमाल गरीब, कमजोर और जरूरतमंद मुसलमानों की मदद के लिए होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
मौलाना शहाबुद्दीन ने बरेली के पुराने रोडवेज बस स्टैंड के पास स्थित कब्रिस्तान की जमीन को लेकर भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस जमीन पर समाजवादी पार्टी के एक विधायक ने तीन मंजिला इमारत बनाई है, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों ने जो जमीन वक्फ के लिए दी थी, उसका मकसद गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करना था। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बरेली प्रशासन से सभी संपत्तियों की जांच कराने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके और वक्फ संपत्तियों से होने वाली आमदनी सही लोगों तक पहुंच सके।
मौलाना शहाबुद्दीन ने समाजवादी पार्टी के नेताओं पर उन्हें डराने और दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह किसी भी धमकी से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग मुझे डराने-धमकाने और मुझ पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, मैं एक मुसलमान हूं और ऊपर वाले पर अटूट विश्वास रखता हूं। इसलिए, मैं इन खोखली धमकियों से डरने वाला नहीं हूं, मुझे बस ऊपर वाले पर अपने भरोसे और विश्वास की जरूरत है।
Updated on:
31 Jul 2026, 4:55 PM IST
Published on:
31 Jul 2026, 4:55 PM IST
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