
बरेली व्यापारी मर्डर केस अपडेट। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Murder Case in Bareilly Case Update: उत्तर प्रदेश के बरेली में 65 साल व्यापारी की दिनदहाड़े हत्या के मामले में चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। हत्या के आरोप में गिरफ्तार 19 साल के युवक ने पुलिस पूछताछ के दौरान कहा कि उसे कानों में किसी 'जिन्न' की आवाज सुनाई देती थी, जिसने कथित तौर पर उसे हत्या करने के लिए उकसाया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी मानसिक बीमारी से पीड़ित है और उसका इलाज भी चल रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वह नशे का आदी था।
पुलिस के अनुसार, मृतक सियाराम श्रीवास्तव रोज की तरह सुबह टहलने निकले थे। उनकी पत्नी कुछ दूरी तक साथ गईं, लेकिन बीच रास्ते से वापस लौट आईं। इसके बाद सियाराम अकेले आगे बढ़ गए। कुछ समय बाद सड़क किनारे उनका शव मिला, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अरमान ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि उसे लंबे समय से कानों में किसी 'जिन्न' की आवाज सुनाई देती थी। उसके अनुसार, घटना वाले दिन भी कथित आवाज ने सामने दिखाई देने वाले व्यक्ति की हत्या करने के लिए कहा। आरोपी ने यह भी दावा किया कि उसने उसी कथित आदेश का पालन किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के इन बयानों की जांच की जा रही है और इन्हें तथ्य के रूप में नहीं माना गया है।
जांच के मुताबिक आरोपी ने पहले अपनी कार से व्यापारी को टक्कर मारने की कोशिश की। इसके बाद घायल अवस्था में पड़े व्यक्ति पर कांच के टुकड़ों से सीने और गर्दन पर कई वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहा था और उसका इलाज चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि वह सूखा नशा करने का आदी था। बताया गया कि पिछले कुछ समय से उसे नशा नहीं मिल पा रहा था, जिसके बाद उसके व्यवहार में असामान्य बदलाव देखने को मिल रहे थे।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी दावा किया कि कुछ समय पहले कुछ लोगों ने उसे एक इंजेक्शन लगाया था। उसके बाद से उसे ऐसा महसूस होने लगा कि कोई 'साया' उसका पीछा कर रहा है और उसकी आंखों के सामने अजीब दृश्य दिखाई देते हैं। उसने पुलिस से कहा कि उसकी बात की पुष्टि किसी धार्मिक व्यक्ति से कराई जा सकती है। पुलिस ने इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है और जांच वैज्ञानिक तथा कानूनी साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
शुरुआत में मृतक के परिजनों ने कुछ अन्य लोगों पर शक जताया था, लेकिन जांच के दौरान उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें संदिग्ध कार दिखाई दी। वाहन के नंबर के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पिता ने कथित तौर पर बेटे को बचाने के लिए सबूत नष्ट करने की कोशिश की। इस आधार पर पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया है। जिस कार का इस्तेमाल वारदात में हुआ, वह आरोपी के पिता के नाम पर पंजीकृत बताई गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई कोणों से की जा रही है। आरोपी की मानसिक स्थिति, मेडिकल रिकॉर्ड, नशे से जुड़े पहलुओं और घटना से संबंधित सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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Updated on:
28 Jul 2026 01:30 pm
Published on:
28 Jul 2026 01:30 pm
