22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बरेली। दरगाह-ए-आला-हजरत बरेली के सौदागर मोहल्ले की तंग गलियों में स्थित इस धार्मिक स्थल को मुस्लिम सन्त और विद्वान आलाहजरत इमाम अहमद रज़ा ख़ान की याद में बनवाया गया था। 14 जून सन् 1856 में उनका जन्म हुआ। उन्होंने यहां पर इस्लामिक ज्ञान केन्द्र की स्थापना की और यह विश्व के लोगों के लिये तीर्थस्थल बन गया। लोग भारी संख्या में उर्दू, अरबी, और फारसी भाषाओं में उनके महान साहित्यिक रचनाओं का अध्ययन करने आते हैं। इनके द्वारा रचित सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में से एक है फतवा राधविया। यह 12 भागों में 12000 पृष्ठों में लिखी है।





Latest Hindi News






Top Stories

1

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल: गैंगस्टर लॉरेंस का भांजा 16 दिन से भूख हड़ताल पर, जानिए पूरा मामला

2

Blue Drum Murder Case: जेल की सलाखों से बाहर निकलेगी नीले ड्रम वाली मुस्कान की बेटी, राधा को गोद लेगा ये इन्फ्लुएंसर; जानिए पूरा मामला

3

4 घंटे तक पुलिस को कोसती रही मां! प्रेमी की पत्नी की 7 दिन पहले हुई थी मौत; डीग जुड़वा भाइयों की हत्याकांड में खुलासा

4

‘पत्नी का ASI से लव अफेयर है…’ भोपाल में सनकी पति ने दिए 16 जख्म, साली को भी नहीं छोड़ा

5

नाना-नानी को बताने वाले थे मां के प्रेम संबंध का राज, बड़े बेटे और प्रेमी के साथ मिलकर कर दी जुड़वा बेटों की हत्या