
चेतन चौधरी और सिया गोयल (Photo: X/@HateDetectors)
Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने मामले की जांच की तो सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति हूडी पहनकर किले की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस ने इसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में की।
वहीं पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी चेतन बड़ा शातिर है। जिस दिन वारदात को अंजाम दिया, उसने अपना मोबाइल घर पर छोड़ दिया, ताकि लोकेशन का पता नहीं चले। वह अपने कर्मचारी का फोन लेकर आया था और उसी के जरिए सिया के संपर्क में था।
पुलिस ने मामले में बताया कि यह सब हत्या पूर्व नियोजित साजिश और जांच को भटकाने की कोशिश का हिस्सा था। हालांकि पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
दरअसल, घटना के दिन केतन और सिया लोहागढ़ किले पर घूमने के लिए गए थे। प्रेमी चेतन पहले से ही किले पर मौजूद था। जब केतन और सिया ऊंचाई पर पहुंचे तो चेतन भी उनके पीछे गया। इसके बाद चेतन और सिया ने केतन को धक्का मार दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं वारदात को अंजाम देने के बाद सिया जोर-जोर से चिल्लाने लगी, ताकि किसी को शक ना हो। इसके बाद वहां मौजूद गार्ड को घटना की जानकारी मिली और वे मौके पर पहुंचे। उसने केतन के परिवार को भी हादसे की सूचना। हालांकि शुरुआत में मामला दुर्घटना प्रतीत हो रही थी, लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो पूरी कहानी ही बदल गई।
पुलिस ने यही भी बताया कि फरवरी में केतन और सिया की सगाई हुई थी और राजस्थान के एक महल में नवंबर में शादी होनी थी। इसके लिए बुकिंग भी की जा चुकी थी। मेहमानों और परिवार के लोगों के लिए दो विशेष उड़ानों की भी व्यवस्था की जा रही थी।
वहीं पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन का पहले से ही प्रेम संबंध था और सिया केतन के साथ शादी नहीं करना चाहती थी। इसी वजह से उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
वहीं पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस महीने केतन और सिया बाली घूमने का प्लान बना रहे थे। दोनों मुंबई एयरपोर्ट तक पहुंच गए थे। लेकिन केतन का पासपोर्ट गायब होने के कारण वापस लौटना पड़ा।
पुलिस का दावा है कि सिया ने ही जानबूझकर केतन का पासपोर्ट छिपा दिया था ताकि उसे उसके साथ यात्रा पर न जाना पड़े।
पुलिस के अनुसार, लोहागढ़ किला हत्या के लिए अचानक नहीं चुना गया था। सिया इससे पहले भी 31 मई और 14 जून को केतन को वहां ले जा चुकी थी। 4 जून को भी उसने केतन को वहां आने के लिए कहा था, लेकिन उस दिन वह नहीं गया। आखिरकार 18 जून को दोनों फिर किले पहुंचे, जहां पहले से मौजूद चेतन ने साजिश को अंजाम दिया।
Updated on:
24 Jun 2026 08:09 am
Published on:
24 Jun 2026 08:09 am
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