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बरेली में उर्स के बीच उलमा का फरमान, त्योहारों पर न लगाएं पाकिस्तानी जैसे झंडे

Dargah Aala Hazrat Bareilly Flag Guidelines: मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि मुसलमान अपने घरों पर इस्लामी झंडे लगाएंगे।
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Urs Bareilly

उर्स के दौरान उलमा ने जारी की एडवाइजरी (फाइल फोटो)

Ulema Appeal Milad Un Nabi Flags Bareilly: आला हजरत के उर्स के आखिरी दिन इस्लामिया मैदान में देश-विदेश के नामवर उलमा जुटे। कुल की रस्म के लिए बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद रहे। इस मौके पर आयोजित जलसे में मजहब-ए-इस्लाम, पैगंबर की तालीमात और मसलक-ए-आला हजरत के मिशन पर विस्तार से चर्चा हुई। उलमा ने मुसलमानों से देश के प्रति वफादारी, आपसी सौहार्द और सुन्नी विचारधारा को मजबूत करने का आह्वान किया।

शरीयत के साथ मुल्क के प्रति वफादारी पर जोर

कारी यूसुफ रजा संभली ने कहा कि मुसलमान शरीयत का पालन करें और साथ ही मुल्क के प्रति भी वफादार रहें। उन्होंने गाना-बजाना और डीजे से बचने की सलाह दी। मुफ्ती अर्सलान रजा कादरी ने बरेलवी उलमा से सुन्नी विचारधारा को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब जंग अपनों से हो तो हार जाना ही बेहतर है। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने बरेली से दीन और सुन्नियत के लंबे नाते का जिक्र करते हुए कहा कि अहले सुन्नत का पैगाम मोहब्बत है, इसे आम करना चाहिए।

मिलादुन्नबी पर विशेष सावधानी की अपील

मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि मुसलमान अपने घरों पर इस्लामी झंडे लगाएंगे, लेकिन कई बार हरे झंडे को गलतफहमी में पाकिस्तानी झंडा समझ लिया जाता है। पिछले साल कुछ लोगों पर मुकदमे भी हुए थे। इसलिए जरूरी नहीं कि केवल हरा झंडा ही लगाया जाए। सफेद, काला या सुनहरा झंडा भी लगाया जा सकता है। पाकिस्तान के झंडे से मिलते-जुलते झंडे लगाने से बचें। चुनावी माहौल को देखते हुए सियासी पार्टियों से सावधान रहें और आपसी सौहार्द के साथ देश को विश्व गुरु बनाने के लिए काम करें।

शिक्षा पर विशेष फोकस

मुफ्ती इमरान हनफी, अल्लामा तौसीफ रजा मिस्बाही और मौलाना साजिद रजा ने शिक्षा की कमी को मुसलमानों के पिछड़ेपन का मुख्य कारण बताया। उन्होंने तालीम पर जोर दिया। मुफ्ती जिलानी ने वर्तमान चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि मस्जिदों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है और कुछ उलमा जेल में हैं, फिर भी लोग संजीदा नहीं हैं। मौलाना फारूक नक्शबंदी, कारी इकबाल मुरादाबादी, मौलाना जाहिद रजा समेत कई अन्य उलमा ने भी खिताब किया।

आयोजन में शामिल रहे प्रमुख व्यक्ति

कार्यक्रम दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान की सरपरस्ती, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी की सदारत और सैयद आसिफ मियां की निगरानी में संपन्न हुआ। खानकाह तहसीनिया के सज्जादानशीन मौलाना हस्सान रजा खान, अहसान रजा, शीरान रजा खान, मोअज्जम रजा खान, जुबैर रजा खान, सय्यद मुस्तफा मियां, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष हाफिज नूर अहमद अजहरी और दरगाह शाहदाना वली के प्रबंधक अब्दुल वाजिद नूरी मौजूद रहे।

शीतल जल और भोजन किया वितरित

उर्स मुकम्मल होने पर सज्जादानशीन अहसन मियां और सैयद आसिफ मियां ने पुलिस-प्रशासन, रेलवे, नगर निगम, नागरिक सुरक्षा संगठन, लंगर-सबील कमेटियों, रजाकारों, टीटीएस वालंटियर्स और रजा फोर्स का आभार व्यक्त किया। जायरीनों की सेवा में जगह-जगह जल सेवा और भोजन वितरण भी हुआ। बजरंग ट्रांसपोर्ट पर शीतल जल पिलाया गया तथा अय्यूब खां चौराहे पर स्थानीय नागरिकों ने भोजन वितरित किया।