बरेली

तीन तलाक के बाद दोबारा निकाह का झांसा देकर भतीजे से कराया हलाला, अब अपनाने से किया इनकार

महिला को अपने पति के भतीजे के साथ हलाला करना पड़ा। महिला एक माह तक भतीजे के साथ रही। जब महिला ने अपने पति से साथ रहने की मांग की तो पति ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया।  
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Jul 04, 2018
Faraht Naqavi
तीन तलाक के बाद दोबारा निकाह का झांसा देकर भतीजे से कराया हलाला, अब अपनाने से किया इनकार

बरेली। तीन तलाक के बाद अब मुस्लिम महिलाओं ने हलाला प्रथा और एक से ज्यादा शादी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और सरकार से इन प्रथाओं पर रोक लगाने की मांग की है। मेरा हक संस्था की अध्यक्ष फ़रहत नक़वी के नेतृत्व में इन प्रथा की शिकार तमाम महिलाओं ने सरकार का शुक्रिया अदा किया और इन प्रथाओं पर रोक लगाने की मांग की। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नक़वी ने कहा कि बहु विवाह और हलाला प्रथा से महिलाओं की जिंदगी नर्क हो गई है और उनके पास तमाम महिलाएं इसकी शिकार आती है इस लिए सरकार को इस पर रोक लगानी चाहिए।

हलाला के बाद भी जिंदगी नर्क

जिले में तीन तलाक की शिकार दो महिलाएं ऐसी भी है जिन्हें उनके शौहर ने तलाक देकर घर से निकाल दिया और बाद में हलाला कर दोबारा पति ने अपने साथ रख लिया कुछ दिन साथ रखने के बाद फिर उन्हें घर से निकाल दिया।


केस वन

सीबीगंज की रहने वाली नाजरा बी का निकाह 16 साल पहले इलाके के ही ताहिर के साथ हुआ था। शादी के बाद ससुराल वाले उसे परेशान करने लगे। परिवार न टूटे इसके लिए वो चुपचाप सब कुछ सहन करती रही। इसी बीच महिला ने तीन बच्चों को भी जन्म दिया। आरोप है कि कुछ समय पहले दहेज की मांग पूरी न होने पर पति ने उसे पीट पीट कर घर से निकाल दिया और महिला को तलाक दे दिया। यह बात जब गांव में फैली तो गांव की पंचायत के दबाव में ताहिर अपनी पत्नी को साथ में रखने को तैयार हो गया लेकिन घर में रहने के लिए महिला को अपने पति के भतीजे के साथ हलाला करना पड़ा। महिला एक माह तक भतीजे के साथ रही। जब महिला ने अपने पति से साथ रहने की मांग की तो पति ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया।


केस 2

रबड़ी टोला मोहल्ले की रहने वाली तारा बी का निकाह 26 अगस्त 2012 में अकबर उर्फ़ विक्की से हुआ था। कुछ समय तक शौहर के साथ रहने के बाद दहेज के लिए ससुराल में उसका उत्पीड़न शुरू हो गया। मारपीट और जान से मारने की कोशिश के बाद तारा बी को तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया। परेशान तारा बी ने कानून का सहारा लेकर पति पर मुक़दमा करा दिया। मुक़दमे से बचने के लिए शौहर तारा बी को फिर से अपनाने के लिए तैयार हो गया। इस्लामी कानून के तहत तारा बी का दूसरे शख्स के साथ हलाला करा दिया गया। जिसके लिए युवक को 100 रूपये दिए गए। हलाला के बाद युवक ने तारा बी को तलाक दिया जिसके बाद पहले शौहर के साथ तारा बी का फिर से निकाह हो गया। जुल्म की इन्ताह यहीं पर खत्म नहीं हुई ससुरालियों ने फिर से उत्पीड़न करना शुरू दिया और उसके शौहर ने दोबारा तारा बी को तलाक देकर छोड़ दिया।


बच्ची की लाश घर पर पड़ी थी बाप ने कर ली दूसरी शादी

जिले में बहु विवाह की शिकार भी तमाम महिलाएं है जो बहु ब्याह का शिकार है। इनमे से सबसे दुःखभरी कहानी है इज्जतनगर की रहने वाली रुहीना खातून की जिसका निकाह शाजहाँपुर के रहने वाले अफाक हुसैन के साथ 21 फरवरी 2010 को हुआ था शादी के बाद रुहीना बेटा नही पैदा कर पाई तो उसके पति ने उसकी दो बेटियों के साथ 2014 में घर से निकाल दिया और जिस दिन उसकी बेटी की मौत हुई उसी दिन अफाक हुसैन ने दूसरी शादी कर ली तब से रुहीना अपने मायके में रह रही है।


और भी शिकार है महिलाएं

इसी तरह से किला की रहने वाली फिरदौस, सैलानी की रहने वाली तहजीब खातून, मीरगंज की मुमताज और कांकर टोला की फराह भी बहु ब्याह का शिकार हुई है इन सभी को इनके शौहर ने घर से निकाल कर दूसरी शादी कर ली है।

Published on:
04 Jul 2018 07:54 pm