
बरेली। सुप्रीम कोर्ट की आदेश के बाद भी मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी में तलाक का दंश खत्म नहीं हुआ है। बरेली में एक बार फिर तीन तलाक का मामला सामने आया है। यहां एक शख्श ने अपनी बीवी को भरी पंचायत में तलाक दे दिया। तलाक पीड़ित महिला ने केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी की संस्था 'मेरा हक' से मदद मांगी है।
लव मैरिज के बाद तलाक
किला छावनी की रहने वाली निशा ने 2015 में जाहिद से लव मैरिज की थी। निशा का कहना है कि काफी दिनों से उसका शौहर उसे परेशान कर रहा था और 12 अक्टूबर को उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। मोहल्ले के लोगों ने जाहिद को समझाने का प्रयास किया लेकिन वो नहीं माना और सबके सामने निशा को तीन तलाक दे दिया।
'मेरा हक' के फरहत नकवी ने बताया कि निशा के पति ने उसे कई लोगों के सामने तलाक दे दिया। निशा का कहना है कि जाहिद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ही मानने से इंकार कर दिया और सबके सामने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का चाहे जो भी फैसला हो उसका फैसला यही है।
महिला आयोग से करेंगे शिकायत
पीड़ित निशा का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग उसे दहेज के लिए परेशान करते थे और उसके साथ मारपीट की जाती थी। निशा का एक बेटा भी है। फ़रहत नकवी ने बताया कि पीड़ित थाने गई लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद निशा ने एसएसपी के यहां शिकायत की है। अगर न्याय नहीं मिलता है तो मामले को महिला आयोग तक ले जाया जाएगा।
रोक के बाद भी सामने आ रहे तलाक के मामले
'मेरा हक' संस्था की अध्यक्ष फ़रहत नकवी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी तीन तलाक के मामले आ रहे हैं। पहला मामला उसी दिन शाम को आया था जिस दिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था। जिसमें किला इलाके की रहने वाली सोनी को उसके शौहर ने तलाक दे दिया था। इस मामले को फ़रहत महिला आयोग तक ले कर गई हैं। इसके साथ ही पांच सितंबर को सीबीगंज की रहने वाली रानी को उसके पति राशिद ने तलाक दे दिया।