
Maulana Mufti Shahabuddin Razvi On Cow National Animal:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान पर राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने गाय के महत्व पर इस्लामी दृष्टिकोण रखते हुए हदीस का हवाला दिया। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने रोजगार संबंधी दावों पर सवाल उठाए और मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने गाय की सांस्कृतिक परंपराओं का जिक्र किया।
बरेली में बयान देते हुए मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा कि भारत में गाय हमेशा से मुद्दा रही है। मुसलमानों की लगातार मांग रही है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। अगर ऐसा होता है तो कई समस्याएं हल हो जाएंगी और विभिन्न स्थानों पर होने वाली घटनाएं नहीं होंगी। उन्होंने इस्लाम में गाय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, 'जब किसी ने इस्लाम के पैगंबर से पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि गाय के दूध में शिफा है और उसके गोश्त में बीमारी।' मौलाना रजवी के इस बयान ने सीएम योगी के गाय संबंधी कथनों के संदर्भ में चर्चा तेज कर दी है।
लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नव नियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 8 करोड़ बेरोजगार हैं। कभी 350, कभी 500 और कभी 1,000 नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं।
राजपूत ने याद दिलाया कि योगी जी ने 50 लाख नियुक्ति पत्र बांटने का वादा किया था। उन्होंने पूछा, '50 लाख नियुक्ति पत्र कहां हैं, योगी जी? 50 लाख नौकरियां कहां हैं?' उन्होंने आरोप लगाया कि इन पत्रों के वितरण पर होने वाला खर्च भी सरकारी खजाने से आता है, जबकि पहले यह काम डाकिया और पोस्टमास्टर करते थे।
इस बीच मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सीएम योगी के बयान के समर्थन में कहा कि लोग गाय की पूजा करते हैं। गांवों में गोबर से घर लीपने और शुद्ध करने की परंपरा आज भी कायम है। उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश जी अयोध्या जाकर भगवान राम का आशीर्वाद लेने नहीं गए। वे खुद को भगवान कृष्ण का वंशज बताते हैं लेकिन मथुरा भी नहीं गए। अगर वे कृष्ण के वंशज हैं तो उनकी सोच के अनुसार आचरण करना चाहिए, लेकिन उनके विचार अलग हैं।