
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी (IANS Photo)
Pankaj Chaudhary BJP UP President:चुनाव आयोग (ECI) को लेकर विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए चौतरफा हमला बोला है। भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को नीचा दिखाने का आरोप लगाया है। वहीं, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इंडी (INDI) गठबंधन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं की आदत बन चुकी है कि वे कभी सेना, कभी न्यायपालिका तो कभी चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर अनर्गल आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा, 'जब इनके आरोप झूठे साबित होते हैं, तो ये जवाब देने के बजाय छिप जाते हैं। इनका एकमात्र मकसद देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना और दुनिया के सामने भारत की छवि खराब करना है।'
यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कांग्रेस के दोहरे रवैये पर हमला बोलते हुए कहा कि संस्थाओं का विरोध करना ही कांग्रेस का मुख्य काम रह गया है। महाना ने कहा कि जब कांग्रेस तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश या कर्नाटक में चुनाव जीतती है, तब उसे चुनाव आयोग में कोई खराबी नजर नहीं आती। लेकिन जब देश की जनता उन्हें नकार देती है, तो वे अपनी हार स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग, न्यायपालिका और संविधान पर सवाल उठाने लगते हैं।
दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मीडिया रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग जैसी संस्था पर अनर्गल आरोप लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट तक गईं, जहां मई 2026 में शीर्ष अदालत ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को सही ठहराया था। रविशंकर प्रसाद ने सीधा सवाल किया कि क्या राहुल गांधी इस सच्चाई के बावजूद देश से झूठ बोल रहे हैं?
विवाद के बीच नई दिल्ली के निर्वाचन सदन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की उपस्थिति में उच्चस्तरीय बैठक हुई। चुनाव आयोग द्वारा जारी विस्तृत प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया कि एसआईआर से जुड़े सभी निर्णय आयोग के तीनों सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया 2025 से ही देश के 30 से अधिक राज्यों में चरणबद्ध तरीके से सफलतापूर्वक लागू की जा रही है।
Updated on:
26 Sept 2026 09:41 pm
Published on:
26 Sept 2026 09:18 pm
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