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UP Elections 2027: गठबंधन को लेकर सपा-कांग्रेस में घमासान, इमरान मसूद के बयान पर समाजवादी पार्टी का पलटवार

UP Politics: सपा-कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बयानबाजी के बीच इमरान मसूद के बयान पर सपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वहीं अखिलेश यादव ने कविता के जरिये अपना रुख साफ किया है...
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लखनऊ

•

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Mohsina Bano

•

Sep 26, 2026

samajwadi party, congress, Akhilesh Yadav, Imran Masood, SP-Congress alliance, seat-sharing, UP Elections 2027

विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सपा ने सहयोगी दलों को दिया साफ संदेश, फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

SP Congress Alliance: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच बयानों का दौर तेजी से गर्माता जा रहा है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के तीखे बयानों के बाद अब समाजवादी पार्टी की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। सपा नेताओं ने दो टूक अंदाज में अपनी बात रखी है और साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक कविता साझा करके इस पूरे वाकये पर बड़ा सियासी संदेश दिया है।

सपा सांसद राजीव राय का पलटवार

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के गठबंधन संबंधी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी से ही जाकर यह सवाल पूछना चाहिए कि उनके नेता इस तरह के बयान क्यों दे रहे हैं? राजीव राय ने तंज कसते हुए कहा कि, "क्या वह इमरान मसूद के अभिभावक या संरक्षक हैं... जो उनके बयानों की जिम्मेदारी लेंगे।" सपा सांसद के इस बयान से साफ जाहिर होता है कि दोनों दलों के बीच चल रही तनातनी अब खुलकर सामने आने लगी है और राजनीतिक हलकों में सरगर्मी बढ़ गई है।

सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क का बयान

सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क ने भी पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि चाहे चुनाव में होने वाली अनियमितताएं हों या आम जनता से जुड़े अन्य कोई भी गंभीर मुद्दे हों, समाजवादी पार्टी ने हमेशा जनहित के इन मुद्दों को सड़कों से लेकर विधानसभा तक पूरी मुखरता के साथ उठाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ही यह तय करेंगे कि गठबंधन कब बनेगा और सीटों का बंटवारा किस तरह से किया जाएगा? जियाउर रहमान बर्क ने यह भी सलाह दी कि, "सभी नेताओं को किसी भी तरह की अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए ताकि भारतीय जनता पार्टी को किसी भी प्रकार का कोई राजनीतिक लाभ उठाने का मौका न मिल सके।"

सपा सांसद ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है। हम यह चाहते हैं कि गठबंधन के तहत मिलकर चुनाव लड़ा जाए और राज्य में सरकार बनाने की दिशा में मिलकर काम किया जाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि..., "भले ही समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में अकेले दम पर भी चुनाव लड़कर पूर्ण बहुमत से जीत हासिल कर सकती है, फिर भी पार्टी गठबंधन के तहत मिलकर ही चुनाव लड़ना चाहती है ताकि मिलकर विपक्ष का मुकाबला किया जा सके।"

अखिलेश यादव की कविता बनी सियासी चर्चा का केंद्र

इस सियासी माहौल के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर एक कविता पोस्ट की है। अखिलेश यादव ने अपनी इस कविता के जरिए बिना नाम लिए एक कड़ा संदेश दिया है। अखिलेश यादव की इस कविता को इस तरह की बयानबाजी के जवाब और पार्टी नेताओं को दी गई एक बड़ी हिदायत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने लिखा कि,

सब अपने तक ही अपने ख्याल रखिए
जंग होने तक म्यान में ही तलवार रखिए
शामिल न हो अपने काफिले में मुखबिर
मिलके दुश्मन की चाल पर आंख रखिए

2027 चुनावों को लेकर सपा की रणनीति तेज

इन तमाम राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच समाजवादी पार्टी अपनी चुनावी तैयारियों में पूरी ताकत से जुटी हुई है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने एक बयान में जानकारी दी कि हाल ही में समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपनाई जाने वाली रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि बैठक में PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को और अधिक मजबूत करने तथा BJP द्वारा उठाए जाने वाले सवालों के सटीक जवाब देने को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। सपा प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में मजबूत टीम के साथ मैदान में उतरने जा रही है। पार्टी को पूरी उम्मीद है कि वह 300 से अधिक सीटें जीतने के लक्ष्य को हासिल करते हुए शानदार सफलता प्राप्त करेगी और इसके लिए पार्टी का हर एक कार्यकर्ता और नेता पूरी निष्ठा से काम कर रहा है।

उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस ने 2024 लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था। दोनों दलों के बीच 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर अभी बातचीत और बयानबाजी जारी है। अंतिम सीट समझौते पर फैसला अभी नहीं हुआ है। फिलहाल सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

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