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‘दो शादी करने पर जाएगी सरकारी नौकरी’, मौलाना शहाबुद्दीन बोले- मुसलमानों को निशाना बना रही असम सरकार

Maulana Shahabuddin Razvi Statement: असम में दो शादियां करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के फैसले पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हिमंत सरकार पर भी निशाना साधा।
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बरेली

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Mohsina Bano

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Updated: 4 Nov 2026, 6:55 PM IST

Maulana Shahabuddin Razvi, Himanta Biswa Sarma, Assam Government Polygamy Rule, UP News

अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी (PC: IANS)

Maulana Shahabuddin Statement on Assam Polygamy Rule: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य कैबिनेट ने बहुविवाह को लेकर एक सख्त फैसला लिया। इस फैसले के तहत एक से अधिक शादी करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने का राज्य सरकार के फैसले पर अब ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि, असम सरकार लगातार ऐसे कानून और आदेश ला रही है जिनका मुख्य निशाना केवल मुसलमान हैं।

मुसलमानों को टारगेट करने का पुराना तरीका

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि, "असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी सरकार हमेशा ऐसे कानून पास करते हैं और ऐसे ऑर्डर देते हैं जो सीधे मुसलमानों को टारगेट करते हैं। यह उनका पुराना तरीका और स्टाइल है। और अब, दो शादियों की बात कि अगर कोई इंसान दो शादियां करता है, तो उसे सरकारी नौकरी से निकाल दिया जाएगा। यह भी असल में मुस्लिम समुदाय को ध्यान में रखकर ही उठाया गया एक कदम है।"

जानिए क्या है असम सरकार का फैसला

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 3 नवंबर को कैबिनेट बैठक के बाद यह साफ किया था कि, बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य कैबिनेट ने असम सेवा अनुशासन एवं अपील नियम 1964 में अहम संशोधन को अपनी मंजूरी दी है। इस संशोधन के तहत नियम 7 में नया खंड 6 जोड़ा गया है। इसके अनुसार बहुविवाह करने का दोषी पाया गया सरकारी कर्मचारी सेवा से सीधा बर्खास्त किया जा सकेगा। इसके साथ ही ऐसे कर्मचारी को भविष्य में राज्य सरकार की किसी भी नौकरी के लिए पूरी तरह अयोग्य माना जाएगा।

फतवों को लेकर भी चर्चा में हैं मौलाना शहाबुद्दीन

बता दें कि मौलाना शहाबुद्दीन रजवी हाल के दिनों में कई चर्चित हस्तियों को लेकर दिए गए अपने धार्मिक बयानों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पत्रकार निधि राजदान की शादी को इस्लामी शरीयत के नजरिए से नाजायज बताया था। मौलाना का तर्क था कि, उमर अब्दुल्ला मुस्लिम हैं, जबकि निधि राजदान गैर-मुस्लिम हैं। इससे पहले उन्होंने अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करने पर भी फतवा जारी किया था। उन्होंने अभिनेत्री के इस कदम को शरीयत के खिलाफ बताते हुए तौबा करने की सलाह दी थी। इन दोनों बयानों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी।