डिजिटल दौर में ज़रा सी लापरवाही किसी के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। ऐसा ही मामला किला थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां मोबाइल खोना एक बुजुर्ग के लिए आफत बन गया। साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से करीब 4 लाख 53 हजार रुपये पार कर दिए।
बरेली। डिजिटल दौर में ज़रा सी लापरवाही किसी के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। ऐसा ही मामला किला थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां मोबाइल खोना एक बुजुर्ग के लिए आफत बन गया। साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से करीब 4 लाख 53 हजार रुपये पार कर दिए।
जानकारी के मुताबिक, किला थाना क्षेत्र के रिक्षबंधान खन्नू मोहल्ला निवासी नंद किशोर रस्तोगी, पुत्र विधा सागर रस्तोगी 7 अक्टूबर को बाजार जाने के दौरान अपना मोबाइल कहीं गिरा बैठे। उन्हें मोबाइल खोने का अंदाज़ा तो हुआ, लेकिन उन्होंने यह नहीं सोचा था कि यह नुकसान इतना बड़ा साबित होगा।
कुछ दिन बाद जब उन्होंने नया मोबाइल लिया और उसमें गूगल पे समेत बैंकिंग ऐप्स दोबारा इंस्टॉल किए, तो उनके होश उड़ गए। बैंक खाते का बैलेंस शून्य दिखा रहा था। परेशान होकर वे बैंक पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पुराने मोबाइल की मदद से उनकी आईडी, पासवर्ड और ओटीपी का दुरुपयोग कर खाते से रकम ट्रांसफर कर ली है।
ठगों ने सुनियोजित तरीके से 4.53 लाख रुपये उनके खाते से उड़ा लिए। घटना का पता चलते ही पीड़ित ने किला थाना और साइबर सेल दोनों जगह शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय पुलिस का कहना है कि मामला साइबर क्राइम से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच तकनीकी टीम के साथ मिलकर की जा रही है। वहीं, साइबर सेल लोगों से अपील कर रही है कि यदि मोबाइल खो जाए तो तुरंत सिम ब्लॉक करवाएं और बैंक खातों से जुड़े सभी ऐप्स और पासवर्ड बदलें, ताकि ठगी से बचा जा सके।