बरेली

Kanwar Yatra 2018 : कांवड़ यात्रा से मुस्लिम खौफ में, गाँव से पलायन

Kanwar Yatra 2018 : मुसलमानों को डर है कि कांवड़ यात्रा में कोई बवाल होता है तो प्रशासन उन्हें जेल भेज देगा।

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Aug 09, 2018
कांवड़ यात्रा से मुस्लिम खौफ में, गाँव से पलायन

बरेली। बरेली में Sawan के महीने में मुसलमान इस तरह खौफ में है कि एक गाँव में पूरी बस्ती ही खाली हो गई है। खौफ के चलते लोग अपने घरों में ताला डालकर पलायन कर गए है। घरों में सिर्फ बुजुर्ग ही बचे है। आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि मुसलमान अपना काम धंधा और घर छोड़ कर चले गए है। मुसलमानों को डर है कि कांवड़ यात्रा में कोई बवाल होता है तो प्रशासन उन्हें जेल भेज देगा। जिसके कारण खेलम गाँव के तमाम मुस्लिम परिवार गाँव छोड़ कर चले गए हैं। वही गाँव में सावन के महीने में निकलने वाली Kanwar Yatra को देखते हुए भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात कर दिया गया है।

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पिछले साल हुआ था बवाल

दरअसल पिछले साल सावन के महीने में बरेली के अलीगंज थाना क्षेत्र के खेलम गाँव में कांवड़ यात्रा के रास्ते को लेकर साम्प्रदायिक तनाव हो गया था। इसके बाद प्रशासन ने कठोर कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इस बार सावन माह में कोई खुराफात न हो, इसके चलते 445 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। गाँव के लोगों पर गुंडा एक्ट, 107 - 16 और रेड कार्ड भी जारी किए गए है। जिसका असर यह हुआ कि कार्रवाई के डर से गाँव के रहने वाले मुसलमान गाँव छोड़ कर चले गए हैं।

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गाँव में फ़ोर्स तैनात

इन दिनों खेलम गॉव की गलियों में सन्नाटा पसरा पड़ा है और घरों पर ताले लटक रहें है। गॉव में रहने वाले लोग कम पुलिस के जवान ज्यादा दिख रहे हैं। पिछले साल की घटना से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार दोनों समुदय के लोगों को लाल कार्ड जारी करते हुए चेतावनी दी गई है कि गॉव में निकलने वाली कांवड़ यात्रा में कोई बवाल हुआ तो इन्हीं के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इसी कार्यवाही के डर से खेलम गॉव में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोग घरों में ताला लगाकर गॉव छोड़कर चले गए हैं। गाँव से तमाम मुस्लिम परिवार घरों में ताला डालकर कही चले गए हैं। गॉव में रहने वाले मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि जब ये लोग गाँव में नहीं रहेंगे तो इनका नाम भी नहीं आएगा।

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पहले गाँव में थी शांति

गाँव के रहने वाले बुजुर्ग टीकाराम का कहना है कि ऐसा माहौल पहले कभी नहीं रहा। गाँव में सभी लोग मिलजुल कर त्योहार मनाते थे।अब नई पीढ़ी के लोग मजहब के नाम पर लड़ने लगे हैं। इस मामले पर एसपी ग्रामीण डॉक्टर सतीश कुमार का कहना है कि पिछले साल गाँव में बवाल हुआ था, जिसके कारण जो संदिग्ध लोग हैं उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्यवाही की गई है।

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Updated on:
09 Aug 2018 09:15 pm
Published on:
09 Aug 2018 05:08 pm
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