
बरेली। हज यात्रा 2019 के लिए हज कमेटी ऑफ इण्डिया ने कई बदलाव किए है। 2019 की हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को तीन किस्तों में रकम जमा करनी होगी जबकि पहले हज यात्री दो किस्तों में ही रकम जमा करते थे। बरेली हज सेवा समिति संस्थापक पम्मी खान वारसी ने बताया कि 2019 की हज यात्रा के लिये हज गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं। इस बार हज यात्रा की रक़म तीन भागों में जमा होगी,जबकि पिछली हज यात्रा में दो किस्त में रक़म जमा की जाती थी। 2019 की हज यात्रा में पहली किस्त 81 हज़ार रुपये और दूसरी किस्त 1.20 लाख रुपये मार्च 2019 के आखिर तक जमा करने होंगे। उन्होंने बताया कि तीसरी क़िस्त की रकम बैंक और सऊदी रियाल के फाईनल होने के बाद भारतीय करेंसी के मुताबिक अज़ीज़िया और एनसीएनवीज़ैड केटेगिरी के फर्क के अनुसार अदा की जाएगी।
ये भी हुए बदलाव
पम्मी खां वारसी ने बताया कि इस बार फ्लाइट उड़ान चयन स्थल व्यवस्था को भी रद्द कर दिया गया हैं यदि कोई हजयात्री लखनऊ या बरेली से हज आवेदन करता हैं तो उसको लखनऊ एयरपोर्ट से ही यात्रा करनी होगी उसकी यात्रा दिल्ली या अन्य एयरपोर्ट से नही होगी। पिछली यात्राओं में किसी भी स्थल से यात्रा करने की व्यवस्था थी और अब उस व्यवस्था को रद्द कर दिया गया हैं। उन्होंने बताया कि हज यात्रा फॉर्म में एक साथ 5 हजयात्री और दो साल से कम उम्र के दो बच्चे आवेदन कर सकते हैं। बच्चों के लिए 3 सौ रुपये फीस जमा नही करनी होगी। हज फ्लाइट की जानकारी इस बार हज कमेटी द्वारा व्हाट्सएप, वॉइस मैसेज,एसएमएस और कॉलिंग से दी जाएगी।
जीएसटी हटाने की मांग
हज यात्रा 2019 को लेकर बरेली हज सेवा समिति की बैठक सिविल लाइंस में की गई। बैठक में समिति के प्रभारी मोहसिन इरशाद ने भारत सरकार से माँग करते हुए कहा कि हज यात्रा से जीएसटी को हटाया जाये हज यात्रा धार्मिक स्थल की यात्रा हैं। हजयात्री अपने हज के फ़र्ज़ को अदा करने सऊदी अरब जाता हैं न की कारोबार करने के लिए इसलिए हज यात्रा पर से जीएसटी नहीं लगनी चाहिए। हज ट्रेनर हाजी यासीन कुरैशी ने कहा कि हज यात्रा फ्लाइट पर 18 प्रतिशत जीएसटी और (यूडीएफ/पीएसएफ सऊदी टैक्स) लगेगा। सभी टैक्स को सऊदी सरकार और भारत सरकार को ख़त्म करना चाहिये।