
बरेली जंक्शन पर रविवार दोपहर कौशांबी में तैनात एक फार्मासिस्ट की मौत हो गई। वह त्रिवेणी एक्सप्रेस से प्रयागराज लौट रहे थे। ट्रेन के चलने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह कोच के दरवाजे से नीचे ट्रैक पर गिर पड़े और ट्रेन की चपेट में आ गए। घटना के समय उनकी पत्नी भी साथ थीं, हादसे के बाद से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक विजय कुमार मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले थे और कौशांबी में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत थे। उनकी पत्नी अंजना राय की बहन वंदना इज्जतनगर के कर्मचारी नगर में रहती हैं और लंबे समय से बीमार चल रही हैं। उनका हालचाल जानने के लिए विजय कुमार अपनी पत्नी के साथ बरेली आए थे। रिश्तेदारों से मुलाकात के बाद दोनों रविवार को त्रिवेणी एक्सप्रेस से वापस प्रयागराज लौट रहे थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रेन बरेली जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से रवाना हो रही थी। इसी दौरान विजय कुमार अपनी सीट से उठकर वॉशरूम की ओर गए। बताया जा रहा है कि जैसे ही ट्रेन ने रफ्तार पकड़नी शुरू की, कोच में अचानक तेज झटका लगा। झटके से विजय कुमार का संतुलन बिगड़ गया और वह दरवाजे के पास से सीधे नीचे ट्रैक पर जा गिरे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
घटना को देखकर कोच में मौजूद एक यात्री ने तत्काल आपातकालीन चेन खींच दी। ट्रेन रुकते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों की भीड़ मौके की ओर दौड़ पड़ी। देखते ही देखते स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की टीम मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। विजय कुमार अपने पीछे पत्नी और दो बेटों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही प्रयागराज और कौशांबी में उनके परिजनों व शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। पोस्टमार्टम हाउस पर रोते-बिलखते परिजनों की भीड़ जुटी रही। एक पल में हंसता-खेलता परिवार गहरे दुख में डूब गया।