उर्से ताजुश्शरिया को लेकर शहर में हलचल तेज हो गई है। दरगाह ताजुश्शरिया और मथुरापुर स्थित जमीयतुर रज़ा में होने वाले इस बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। जमात रजा ए मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान (फरमान मिया) ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी दुनियाभर से बड़ी संख्या में अकीदतमंद बरेली पहुंचेंगे।
बरेली। उर्से ताजुश्शरिया को लेकर शहर में हलचल तेज हो गई है। दरगाह ताजुश्शरिया और मथुरापुर स्थित जमीयतुर रज़ा में होने वाले इस बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। जमात रजा ए मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान (फरमान मिया) ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी दुनियाभर से बड़ी संख्या में अकीदतमंद बरेली पहुंचेंगे।
फरमान मिया ने कहा कि उर्स में शिरकत करने के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी सुन्नी मुसलमान यहां आते हैं। सभी लोग इमामे अहले सुन्नत की बारगाह में हाजिरी देकर दुआ करते हैं। इस बार भी बड़ी तादाद में जायरीन के पहुंचने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए व्यवस्थाओं को लेकर पहले से तैयारी शुरू कर दी गई है।
उर्स के सभी प्रमुख कार्यक्रम दरगाह ताजुश्शरिया और मथुरापुर स्थित जमीयतुर रज़ा में संपन्न होंगे। 24 अप्रैल को कुल शरीफ की अहम रस्म अदा की जाएगी, जिसे लेकर खास तैयारियां की जा रही हैं। इस दिन बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह पहुंचते हैं। दरगाह की ओर से बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने, खाने-पीने और लंगर की व्यवस्था की जाएगी। हर साल की तरह इस बार भी कोशिश रहेगी कि किसी जायरीन को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
फरमान मिया ने बताया कि जमात के सभी वालंटियर्स को अभी से तैयारियों में जुटने के लिए कहा गया है। जल्द ही एक बैठक बुलाकर जिम्मेदारियां तय की जाएंगी, ताकि व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चल सकें। उर्स को लेकर अकीदतमंदों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर साल की तरह इस बार भी बरेली में उर्स के दौरान धार्मिक माहौल के साथ शहर की रौनक बढ़ेगी, वहीं व्यवस्थाओं को संभालना प्रशासन और आयोजकों के लिए बड़ी चुनौती भी रहेगा।