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परिवार चला रहा था स्मैक का काला कारोबार, एएनटीएफ ने पिता-बेटों को दबोचा, 3.50 करोड़ की हेरोईन बरामद

एएनटीएफ यूनिट बरेली ने मादक पदार्थ तस्करी के बड़े नेटवर्क पर वार करते हुए एक ही परिवार के तीन सक्रिय तस्करों को दबोच लिया।

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बरेली। एएनटीएफ यूनिट बरेली ने मादक पदार्थ तस्करी के बड़े नेटवर्क पर वार करते हुए एक ही परिवार के तीन सक्रिय तस्करों को दबोच लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से 1.750 किलोग्राम हेरोईन, 950 ग्राम स्मैक बनाने में इस्तेमाल होने वाला रंग, 87,520 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 3.50 करोड़ रुपये बताई गई है। कार्रवाई भमोरा थाना क्षेत्र में देवचरा-दातागंज रोड पर तख्तपुर मोड़ के पास की गई।

एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी परमानंद उर्फ पप्पू, उसके बेटे यशवीर और रविंद्र को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक तीनों मादक पदार्थ की खेप लेकर सप्लाई के लिए जा रहे थे, तभी टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। इस कार्रवाई से बरेली-बदायूं बेल्ट में सक्रिय नशा तस्करी के एक बड़े लिंक का खुलासा हुआ है। पूछताछ में गिरफ्तार परमानंद ने पुलिस को बताया कि उसके पिता के नाम कभी अफीम की खेती का लाइसेंस था। इसी दौरान उसने अफीम से क्रूड और क्रूड से स्मैक तैयार करना सीख लिया। आरोप है कि वह वर्ष 2012 से स्मैक बनाकर बेच रहा था और इसकी सप्लाई दिल्ली समेत आसपास के जिलों में करता था। पुलिस का कहना है कि परमानंद पहले भी नशे की सप्लाई में पकड़ा जा चुका है और जेल जा चुका है। इस धंधे में उसके दोनों बेटे भी हाथ बंटा रहे थे।

परिवार ही बना तस्करी का गिरोह

जांच में सामने आया कि पिता ने नशे के इस अवैध कारोबार में अपने दोनों बेटों को भी शामिल कर लिया था। पुलिस के अनुसार तीनों मिलकर स्मैक और हेरोईन की तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे। एक ही परिवार के तीन लोगों की गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया कि नशे का कारोबार अब संगठित और पारिवारिक गिरोहों के जरिए भी फैलाया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.750 किलोग्राम हेरोईन/स्मैक, 950 ग्राम वह रंग बरामद किया है जो स्मैक तैयार करने में इस्तेमाल होता है। इसके अलावा 87,520 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, संपर्कों और सप्लाई चैन को खंगाल रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों तक भी पहुंचा जा सके।

भमोरा थाने में मुकदमा, आगे बढ़ेगी जांच

इस मामले में थाना भमोरा में एनडीपीएस एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि बरामदगी और पूछताछ के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि खेप कहां तैयार होती थी, किन-किन जिलों में जाती थी और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। कार्रवाई एएनटीएफ यूनिट बरेली के प्रभारी उपनिरीक्षक विकास यादव के नेतृत्व में की गई। टीम में हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल सौरभ चौधरी, अंकित यादव, कुश कुमार, विनीत कुमार, रसविंद्र चौधरी और महिला कांस्टेबल छाया शामिल रहीं। भमोरा थाने से उपनिरीक्षक हीरेंद्र चौधरी और कांस्टेबल मुस्तफा ने सहयोग किया। सर्विलांस टीम में मुख्य आरक्षी अजय कुमार समेत एएनटीएफ मुख्यालय लखनऊ की टीम भी शामिल रही।