देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सोमवार सुबह 9:50 बजे विशेष वायुयान से बरेली पहुंचीं। त्रिशूल एयरबेस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति यहां करीब एक घंटा 40 मिनट रुकेंगी।
बरेली। देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सोमवार सुबह 9:50 बजे विशेष वायुयान से बरेली पहुंचीं। त्रिशूल एयरबेस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति यहां करीब एक घंटा 40 मिनट रुकेंगी। इस दौरान वह इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी।
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने शहर को छावनी में तब्दील कर दिया है। त्रिशूल एयरबेस से लेकर आईवीआरआई तक रूट पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
सुबह 9:50 बजे राष्ट्रपति त्रिशूल एयरबेस पर पहुंचीं। इसके बाद सुबह 10:10 बजे वह आईवीआरआई के दीक्षांत समारोह में पहुंचीं। सुबह 11:10 बजे वे वापस त्रिशूल एयरबेस के लिए रवाना होंगी और 11:30 बजे गोरखपुर के लिए उड़ान भरेंगी।
राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने भारी बंदोबस्त किए हैं। बरेली पुलिस, पीएसी, खुफिया एजेंसियों के साथ बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को भी तैनात किया गया है। सुरक्षा में शामिल हैं।
इसके अलावा, ड्रोन कैमरों से रूट की निगरानी की जा रही है। खुफिया एजेंसियां भी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर राष्ट्रपति के दौरे की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए 61 मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें बरेली सहित मंडल के अन्य जिलों के अधिकारी भी शामिल हैं। सभी अधिकारी सुबह 6 बजे से अपने-अपने स्थानों पर तैनात हैं।
राष्ट्रपति को परोसे जाने वाले खाद्य व पेय पदार्थों की जांच के लिए एफएसडीए की टीम तैनात की गई है। वहीं आयोजन स्थल से लेकर एयरबेस तक सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली गई हैं। रूट की रिहर्सल पहले ही हो चुकी है। सुरक्षा, ट्रैफिक, सफाई और आयोजन स्थल की व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई है। राष्ट्रपति का दौरा बरेली के लिए गौरव का क्षण है। शहरवासियों ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताया।