अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद की अदालत ने सोमवार को भोजीपुरा थाना क्षेत्र के मोहल्ला कंचनपुर पीपलसाना निवासी राहुल गिहार को महिला इंजीनियर का पर्स लूटने और उसे चलती ट्रेन से धक्का देने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद की अदालत ने सोमवार को भोजीपुरा थाना क्षेत्र के मोहल्ला कंचनपुर पीपलसाना निवासी राहुल गिहार को महिला इंजीनियर का पर्स लूटने और उसे चलती ट्रेन से धक्का देने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
किच्छा निवासी सुमन प्रकाश शर्मा ने 20 अगस्त 2016 को बहेड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी जागृति शर्मा, जो एक निजी कंपनी में इंजीनियर थी, 19 अगस्त की सुबह लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस से इज्जतनगर से किच्छा जा रही थी। ट्रेन भोजीपुरा से निकलते ही आरोपी राहुल ने उसका पर्स छीना। जागृति ने विरोध किया और आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने उसे चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। हादसे में जागृति गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
जीआरपी ने मामले की जांच शुरू की और 23 अगस्त को राहुल गिहार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जागृति का पर्स बरामद किया, जिसमें रेल टिकट, डेबिट कार्ड और अन्य दस्तावेज मिले। घटना के छह दिन बाद जागृति को होश आया और उसने शिनाख्त परेड में आरोपी को पहचान लिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 13 गवाह और 20 साक्ष्य पेश किए गए। इन आधारों पर कोर्ट ने आरोपी को लूट, आर्म्स एक्ट और कातिलाना हमले का दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी की पत्नी रचना को गवाह बनाकर पेश किया। उसने दावा किया कि घटना के समय वह और उसका पति शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन में मायके पर रह रहे थे और वहीं मजदूरी कर रहे थे। लेकिन बचाव पक्ष इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाया। अदालत ने अभियोजन द्वारा दिए गए साक्ष्यों और आरोपी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए राहुल गिहार को आजीवन कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।