
बरेली। बरेली जोन मुख्यालय में शुक्रवार का दिन पुलिस महकमे में प्रमोशन की खुशी और सम्मान का रहा। अनुशासन, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक मानी जाने वाली पिपिंग सेरेमनी में तीन जिलों के पुलिस प्रमुखों के कंधों पर नए सितारे सजे तो सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा और डीआईजी बरेली रेंज अजय कुमार साहनी ने खुद आगे बढ़कर अधिकारियों को रैंक बैज और कॉलर बैंड पहनाए और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। एक दिन पहले बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य को भी रैंक बैज और कालर बैंड लगाकर सम्मानित किया गया था। पिपिंग सेरेमनी को संबोधित करते हुए एडीजी रमित शर्मा ने कहा कि पदोन्नति केवल सम्मान का प्रतीक नहीं होती, बल्कि इसके साथ जिम्मेदारियां और अपेक्षाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि तीनों अधिकारी अपने अनुभव, ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता के बल पर कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा कि यह दिन व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ रेंज के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि प्रोन्नत पुलिस अधिकारी अब जिलों में जनता के बीच उत्साह, आत्मविश्वास और नई जिम्मेदारियों का सकारात्मक माहौल तैयार करें। नए सितारों के साथ तीनों अधिकारियों की यह पदोन्नति न सिर्फ उनकी अब तक की सेवाओं की पहचान है, बल्कि आने वाले समय में और बेहतर, सख्त व जवाबदेह पुलिसिंग की उम्मीद भी जगाती है।
पिपिंग सेरेमनी का सबसे खास क्षण तब आया, जब पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव के कंधों पर डीआईजी के सितारे लगाए गए। वर्ष 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक यादव को 31 दिसंबर 2025 से पुलिस उप महानिरीक्षक पद पर पदोन्नति दी गई है। मूल रूप से हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले अभिषेक यादव ने 22 अप्रैल 2025 को पीलीभीत जिले की कमान संभाली थी। उनकी पहचान तेजतर्रार कार्यशैली, सख्त अनुशासन और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस वाली पुलिसिंग रही है। जैसे ही उनके कंधों पर नया रैंक बैज सजा, सभागार तालियों से गूंज उठा। यह पदोन्नति उनके लंबे और चुनौतीपूर्ण सेवाकाल की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अभिषेक यादव का अब तक का सेवा रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने मऊ, रेलवे गोरखपुर, रेलवे आगरा, मुजफ्फरनगर और मथुरा जैसे संवेदनशील जनपदों में पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद उन्होंने अभिसूचना मुख्यालय लखनऊ और रेलवे प्रयागराज में भी अहम पदों पर रहे।
बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह को भी बड़ी सौगात मिली। उन्हें 1 जनवरी 2026 से सेलेक्शन ग्रेड प्रदान किया गया है। 1992 बैच के पीपीएस अधिकारी रहे डॉ. सिंह वर्ष 2013 में आईपीएस कैडर में आए थे। मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले डॉ. बृजेश कुमार सिंह अपनी सख्त प्रशासनिक पकड़, कानून-व्यवस्था पर मजबूत नियंत्रण और अकादमिक पृष्ठभूमि के लिए जाने जाते हैं। दर्शनशास्त्र में पीएचडी, एलएलबी और एमए जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले डॉ. सिंह ने एसपी रेलवे गोरखपुर, एसपी इटावा और एटीएस लखनऊ में रहते हुए कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। सेलेक्शन ग्रेड मिलने को पुलिस महकमे में उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता की आधिकारिक मुहर माना जा रहा है।
शाहजहांपुर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और प्रशासनिक दक्षता के लिए 1 जनवरी 2026 से सेलेक्शन ग्रेड प्रदान किया गया है। कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, अपराध नियंत्रण और जनहितकारी पुलिसिंग में उनके निरंतर प्रभावी योगदान को विभागीय मान्यता मिली। 22 मार्च 2025 से शाहजहांपुर में तैनात राजेश द्विवेदी ने अनुशासन और नेतृत्व क्षमता से पुलिसिंग को नई दिशा दी। महाकुंभ के दौरान मेला अधिकारी के रूप में भी उन्होंने सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक संचालन का जिम्मा कुशलता से निभाया। भीड़ प्रबंधन, शांति व्यवस्था और समन्वित पुलिसिंग में उनकी भूमिका को सराहनीय माना गया। पुलिस वीरता पदक और राष्ट्रपति पुलिस पदक समेत कई प्रतिष्ठित सम्मानों से पहले ही सम्मानित रह चुके हैं।
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Updated on:
02 Jan 2026 07:47 pm
Published on:
02 Jan 2026 07:46 pm
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