Bareilly नौतपा ने दूसरे ही दिन अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिन की झुलसाने वाली गर्मी के बाद अब रातें भी लोगों को राहत नहीं दे रहीं। सोमवार की रात इस सीजन की सबसे गर्म रातों में दर्ज की गई, जबकि मंगलवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने शहर को तपते तंदूर में बदल दिया।
नौतपा ने दूसरे ही दिन अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिन की झुलसाने वाली गर्मी के बाद अब रातें भी लोगों को राहत नहीं दे रहीं। सोमवार की रात इस सीजन की सबसे गर्म रातों में दर्ज की गई, जबकि मंगलवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने शहर को तपते तंदूर में बदल दिया। हालात ऐसे रहे कि सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर आवाजाही कम हो गई और लोग घरों में कैद होने को मजबूर दिखे।
मौसम विभाग के अनुसार बरेली में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया। उमस और गर्म हवाओं ने परेशानी और बढ़ा दी है। पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम नजर आए। लोगों का कहना है कि पंखे की हवा भी लू जैसी महसूस हो रही है।
सोमवार को न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे रातभर लोगों को बेचैनी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से ऊपर रहने के कारण शरीर को रिकवरी का मौका नहीं मिल रहा, जिससे थकान और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार के मुताबिक अगले दो दिन तक कड़ी धूप और गर्म हवाओं का असर बना रहेगा। इसके बाद 28 मई से मौसम करवट ले सकता है। आसमान में बादल छाने और हल्की बारिश होने के आसार हैं, जिससे तापमान में कुछ राहत मिल सकती है।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूर्यदेव के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ नौतपा की शुरुआत होती है, जो इस बार 8 जून तक प्रभावी रहेगा। माना जाता है कि इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे भीषण गर्मी पड़ती है। वैज्ञानिक दृष्टि से यही गर्मी समुद्र और भूमि से नमी को वाष्पित कर मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करती है। बताते चलें कि भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। आरोग्य मेलों और अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और मौसमी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। यूपीएचसी कालीबाड़ी की चिकित्साधिकारी डॉ. मीनू सिंह ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या गर्मी से जुड़ी बीमारियों की है। लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ पीने की सलाह दी जा रही है।