खुसरो मैमोरियल पीजी कॉलेज में डी फार्मा में फर्जी एडमिशन के मामले में एसआईटी ने प्रधानाचार्य कामिल हुसैन जैदी से पूछताछ की। जांच में सामने आया है कि फर्जीवाड़ा कामिल हुसैन जैदी के कार्यकाल में हुआ लेकिन शिकायतें होने पर चेयरमैन शेर अली जाफरी ने उन्हें हटाकर विश्वनाथ शर्मा को डी फार्मा का प्रभारी बना दिया।
बरेली। खुसरो मैमोरियल पीजी कॉलेज में डी फार्मा में फर्जी एडमिशन के मामले में एसआईटी ने प्रधानाचार्य कामिल हुसैन जैदी से पूछताछ की। जांच में सामने आया है कि फर्जीवाड़ा कामिल हुसैन जैदी के कार्यकाल में हुआ लेकिन शिकायतें होने पर चेयरमैन शेर अली जाफरी ने उन्हें हटाकर विश्वनाथ शर्मा को डी फार्मा का प्रभारी बना दिया। एसआईटी ने कॉलेज के प्रिंसिपल कामिल हुसैन जैदी से कई घंटे तक पूछताछ की और उनसे कॉलेज में एडमिशन की प्रक्रिया समेत अन्य बिंदुओं पर जानकारी ली। इसके अलावा, तीन और छात्रों ने फर्जीवाड़े की शिकायत की है, जिनकी जांच की जाएगी।
कॉलेज प्रिंसिपल से की लंबी पूछताछ
एसपी साउथ मानुष पारीक ने बताया कि प्रिंसिपल कामिल हुसैन जैदी से पूछताछ की गई है और मंगलवार को कॉलेज के रिकॉर्ड के साथ उन्हें दोबारा बुलाया गया है।खुसरो मैमोरियल पीजी कॉलेज में सत्र 2019-20 में डी फार्मा में फर्जी एडमिशन लेकर सत्र 2023-24 तक 379 छात्र-छात्राओं से 3.70 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई।
एसआईटी और एसओजी की टीम ने कॉलेज जाकर की छानबीन
एसआईटी और एसओजी टीम सोमवार को सीबीगंज स्थित खुसरो मैमोरियल पीजी कॉलेज पहुंची और वहां के प्रधानाचार्य कामिल हुसैन जैदी को लेकर थाना सीबीगंज पहुंची। थाने में कई घंटे तक चली पूछताछ के दौरान एसपी साउथ के नेतृत्व में एसआईटी ने कॉलेज के प्रिंसिपल कामिल हुसैन जैदी से कई घंटे तक पूछताछ की। सामने आया कि प्रिंसिपल कामिल हुसैन जैदी कॉलेज के चेयरमैन शेर अली जाफरी का काफी करीबी है। उसने बताया कि डी फार्मा का कोर्स शुरू होने के दौरान इसका प्रभारी भी वह था। मगर पिछले दिनों शिकायतें आनी शुरू हुईं तो दबाव बनाकर आईटीआई के प्रधानाचार्य विश्वनाथ शर्मा को इस कोर्स का भी प्रभारी बना दिया। इससे स्पष्ट हो गया कि पूरा फर्जीवाड़ा उसके कार्यकाल में हुआ है।