
Bareilly News: खाद की किल्लत, बेरोजगारी, महंगाई और पेपर लीक से लेकर राशन कार्ड में गड़बड़ी तक के मुद्दों पर समाजवादी युवजन सभा ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में किसानों, युवाओं, व्यापारियों और गरीब परिवारों से जुड़ी कई समस्याओं को उठाते हुए समयबद्ध समाधान की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों को यूरिया और डीएपी जैसी खाद निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। उनका कहना था कि खाद के लिए किसानों को परेशान न होना पड़े, इसकी जिम्मेदारी प्रशासन तय करे। युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए सरकारी विभागों के खाली पदों पर जल्द भर्ती कराने की मांग की गई। संगठन ने विभागवार भर्ती कैलेंडर जारी करने और सरकारी के साथ निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग रखी।
भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और सॉल्वर गैंग का मुद्दा भी प्रदर्शन में प्रमुखता से उठाया गया। समाजवादी युवजन सभा ने ऐसी घटनाओं की स्वतंत्र जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही परीक्षा रद्द होने या भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होने पर अभ्यर्थियों के समय और आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए व्यवस्था किए जाने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ पात्र गरीब परिवारों के राशन कार्ड पोर्टल पर गलत तरीके से चार पहिया वाहन दर्ज होने के कारण काट दिए गए। संगठन ने ऐसे मामलों का भौतिक सत्यापन कराकर राशन कार्ड बहाल करने और गलत वाहन विवरण दर्ज होने की जांच कराने की मांग की।
बाढ़ से प्रभावित किसानों का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल रहा। संगठन ने बर्बाद फसल का उचित मुआवजा जल्द दिलाने की मांग की, ताकि किसान अगली फसल की तैयारी कर सकें। आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान का स्थायी समाधान करने की मांग भी उठाई गई। कान्हा उपवन में गोवंश के लिए पर्याप्त चारा, भूसा, हरा चारा, पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। चारे की खरीद, स्टॉक, वितरण, बिल और भुगतान की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी ज्ञापन में की गई। संगठन ने कहा कि अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
कैनविज प्रकरण को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने जांच की मांग उठाई। ज्ञापन में गरीब और मध्यमवर्गीय निवेशकों की रकम से जुड़े मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। पुलिस संरक्षण या जांच में लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र जांच के साथ जरूरत पड़ने पर सीबीआई अथवा किसी अन्य स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग रखी गई। पीड़ितों की रकम वापस दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की गई। जीएसटी लागू होने से पहले के वैट बकाये पर लगातार बढ़ रहे ब्याज का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने मूल बकाया जमा करने पर ब्याज और जुर्माने में राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने दाल, तेल, सब्जी, दूध, दवाइयों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की। सड़क, जलभराव, नाली, सीवर, पेयजल, सफाई और यातायात जैसी बरेली की स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग भी ज्ञापन में रखी गई। समाजवादी युवजन सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. मोहित भारद्वाज ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। इसमें आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन और सेवा सुरक्षा, गरीब परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, छात्रों की समस्याओं, सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं और भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच समेत कई मांगें शामिल की गईं।