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Anti Cheating Law Amendment India: पेपर लीक पर सख्त वार: सरकार एंटी-चीटिंग कानून में करेगी बड़ा संशोधन

Paper Leak Law Amendment: देश भर के लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नकल माफियाओं के दिन अब गिनती के रह गए हैं। केंद्र सरकार पेपर लीक विरोधी कानून को और ज्यादा सख्त बनाने की तैयारी में है, जिसके तहत दोषियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई होगी और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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Modi Anti Cheating Bill

Modi Anti Cheating Bill : पेपर लीक रोकने के लिए कानून होगा और कड़ा, दोषियों को लंबी जेल की तैयारी (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

मेडिकल और अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की घटनाओं से देश भर के छात्रों में पनपे आक्रोश के बीच केंद्र सरकार ने नकल माफिया के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा वार करने की तैयारी कर ली है। परीक्षाओं की पारदर्शिता बहाल करने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से सरकार एंटी-चीटिंग कानून - सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024- में बड़े संशोधनों का विधेयक लाने जा रही है।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट और 10 साल से भी सख्त सजा

सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों के जल्द से जल्द निपटारे के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों (Fast-Track Courts) का गठन किया जाएगा। इतना ही नहीं, वर्तमान कानून में दोषियों के लिए तय की गई अधिकतम 10 साल की जेल की सजा को और बढ़ाने का प्रावधान भी शामिल किया जा रहा है।

वर्तमान कानून में 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान था, लेकिन परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले गिरोहों के हौसले पस्त करने के लिए सरकार अब इसे और ज्यादा गैर-जमानती तथा कठोर बनाने पर विचार कर रही है।

प्रधानमंत्री ने देर रात संदेश देकर दिए कड़े संकेत

संसद सत्र के दौरान इस मुद्दे की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभाला। देर रात जारी एक विशेष संदेश में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार पिछले ढाई महीनों से नीट (NEET) और अन्य प्रवेश परीक्षाओं में सामने आई खामियों को दूर करने पर निरंतर काम कर रही है।

"हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी मेधावी छात्र का एक साल बर्बाद न हो। पूरी ताकत लगाकर लाखों परीक्षार्थियों का परीक्षा चक्र पूरा कराया गया और परिणाम भी घोषित किए गए।"
- प्रधानमंत्री का संदेश

सरकार का लक्ष्य आगामी सप्ताह में संसद में इस संशोधन विधेयक को पेश कर जल्द से जल्द पारित कराना है, ताकि यूपीएससी (UPSC), एसएससी (SSC) और एनटीए (NTA) जैसी एजेंसियों द्वारा आयोजित होने वाली भावी परीक्षाएं पूरी तरह ईमानदार माहौल में संपन्न हो सकें।

क्यों पड़ी कानून को और सख्त करने की जरूरत?

हाल के दिनों में नीट-यूजी (NEET-UG) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सामने आई धांधली के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए थे।

राधाकृष्णन समिति का गठन: सरकार ने एनटीए (NTA) के कामकाज में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था।

अधिकारियों पर गाज: परीक्षा संचालन में लापरवाही के चलते शीर्ष प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किए गए, जिसके तहत शिक्षा सचिव को हटाने के साथ-साथ एनटीए के ढांचे में भी फेरबदल की प्रक्रिया शुरू हुई।

सख्त संदेश: नया संशोधन न केवल संगठित अपराध करने वाले पेपर लीक माफिया को निशाना बनाएगा, बल्कि इसमें शामिल कोचिंग संस्थानों और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ करेगा।