
सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल की खत्म (फोटो सोर्स: ANI)
Sonam Wangchuk Ends Hunger Strike: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की। अब इस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से प्रतिक्रिया भी सामने आई है। RSS नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अलग-अलग है।
उन्होंने आगे कहा कि मैं कहूंगा कि उन्हें समझना चाहिए कि उनके आंदोलन पर विदेशियों ने कब्जा कर लिया है। इसलिए, उन्हें अपने आंदोलन को भारतीय रखना चाहिए। उन्हें विदेशियों की कठपुतली नहीं बनना चाहिए।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी इस समय विदेशी ताकतों की एजेंसी है। मैं वहां आने वाले युवाओं से कहूंगा: सावधान रहें। देश के साथ गद्दारी करने वालों और देश को धोखा देने वालों की कठपुतली या एजेंट न बनें।
बता दें कि पेपर लीक मुद्दे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश भी जारी किया था। इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव इसे राजनीतिक तमाशा बना रहे हैं। उन्हें लगता है कि उन्हें एक अच्छा मौका मिल गया है। हालांकि, प्रधानमंत्री संवेदनशीलता के साथ छात्रों के साथ खड़े रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 2.2 मिलियन से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल हुए और अब एडमिशन की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने एक सख्त कानून लाने और फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की भी बात कही है। PM मोदी छात्रों के साथ खड़े हैं और देश देख रहा है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने दो दिन पहले गुंडागर्दी की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने छात्रों को ढाल की तरह इस्तेमाल किया और कहा जाता है कि उन्होंने लाठी लेकर गुंडे भेजे। राहुल गांधी बिना कोई असली रिस्क लिए शहीद बनना चाहते हैं।
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने पर कहा कि सोनम वांगचुक 26 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। इतने दिनों तक भूख हड़ताल जारी रखना आसान नहीं है। उनकी सेहत और उनकी जिंदगी देश के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि उन्होंने समाज सेवा, शिक्षा और दूसरे क्षेत्रों में अहम योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि लेकिन यह बात कि उन्होंने वहां आए सरकारी नुमाइंदों, दो मंत्रियों के हाथों अपनी भूख हड़ताल खत्म की, यह चिंता की बात है। वही सरकार जिसने वांगचुक के लिए वहां जमा हुए छोटे बच्चों समेत नौजवानों के आंदोलन को कुचला, लाठियां चलाईं, पेलेट गन चलाईं, हड्डियां तोड़ीं, सिर फोड़ दिए और लोगों के चेहरे और शरीर से खून बह रहा था।
Updated on:
24 Jul 2026, 11:56 AM IST
Published on:
24 Jul 2026, 11:56 AM IST
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