
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (बाएं) और अभिजीत दीपके (Photo-IANS)
CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी और केंद्र सरकार के बीच फिलहाल वार्ता ठहर गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत शुरू होने से पहले सीजेपी द्वारा रखी गई कुछ अहम शर्तों पर सहमति नहीं बनी है, जिसके कारण वार्ता में गतिरोध पैदा हो गया है। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सोनम वांगचुक ने पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर नरमी दिखाने का संकेत दिया था। इसे बातचीत का रास्ता खुलने की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा था।
हालांकि, बाद में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने दो प्रमुख शर्तें दोहराईं। पहली- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और दूसरी- जंतर-मंतर पर ही मोदी सरकार के साथ सार्वजनिक रूप से बातचीत आयोजित हो।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि मोदी सरकार ने सीजेपी की दोनों मांगों को स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया। इसी वजह से औपचारिक वार्ता फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकी है, जबकि सरकार पहले ही प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए अपनी इच्छा जता चुकी थी।
बता दें कि बीते दिनों केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर आंदोलन समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नड्डा ने संसद चलो मार्च के दौरान घायल हुए छात्रों से अस्पताल में भी मुलाकात की थी। वहीं, बीजेपी का कहना है कि बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं, लेकिन विपक्ष इस आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत रुकी हुई है। लेकिन बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच संवाद पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। संपर्क लगातार बना हुआ है और ऐसा समाधान तलाशने की कोशिश की जा रही है, जिससे बिना किसी पूर्व शर्त के औपचारिक वार्ता शुरू हो सके।
इस बीच बुधवार को जेपी नड्डा ने NEET पेपर लीक के मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं का समाधान बातचीत और आवश्यक सुधारों के जरिए किया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ के लिए उनका इस्तेमाल होना चाहिए।
नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान हुए पेपर लीक मामलों पर आवाज क्यों नहीं उठाई। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय हुई पेपर लीक घटनाओं का भी उल्लेख किया।
Updated on:
23 Jul 2026 02:30 pm
Published on:
23 Jul 2026 02:30 pm
