
Raj Thackeray CJP Protest : राज ठाकरे का केंद्र सरकार पर हमला, CJP आंदोलन को लेकर बोले- सरकार को पहले बातचीत करनी चाहिए थी (फोटो सोर्स: ANI)
Raj Thackeray CJP Protest: देशभर में नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं का गुस्सा अब फुटपाथों से निकलकर सत्ता के गलियारों को चुनौती देने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ यह संग्राम अब महाराष्ट्र में बड़ा सियासी रूप ले चुका है। इस बीच सबसे बड़ा उलटफेर तब देखने को मिला जब लंबे अर्से बाद ठाकरे बंधु उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही मंच पर छात्रों के समर्थन में एकजुट हो गए।
NEET परीक्षा में हुई अभूतपूर्व धांधली, पर्चा लीक और उसके बाद पैदा हुई प्रशासनिक अराजकता ने देश भर के लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता के काले बादल मंडरा दिए हैं। अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन-रात एक करने वाले छात्रों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। केंद्र सरकार द्वारा इस देशव्यापी आंदोलन को संवाद के बजाय ताकत के बल पर दबाने की कोशिशों के बीच विपक्ष ने भी आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
इसी कड़ी में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके सहयोगी नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की कार्यशैली पर करारा प्रहार किया। विपक्ष का सीधा आरोप है कि जब आज सत्ता में बैठे लोग विपक्ष में थे, तब वे हर छोटी-बड़ी घटना पर मंत्रियों के इस्तीफे मांगते नहीं थकते थे। लेकिन आज जब देश के लाखों युवाओं का करियर दांव पर लगा है, तब सरकार में बैठे लोग अपनी नैतिक जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने सरकार के रवैये पर तीखा हमला बोलते हुए इसे सत्ता का अहंकार करार दिया। उन्होंने कहा कि छात्र दिन-रात विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनसे बातचीत करने तक की जहमत नहीं उठा रही।
"विपक्ष में रहते हुए जब भारतीय जनता पार्टी सरकार में शामिल मंत्रियों के इस्तीफे की मांग करती थी, तो अब सत्ता में आने पर वे अपने ही मंत्रियों का इस्तीफा क्यों नहीं मांग रहे? सरकार का यह रुख कि हम किसी से बात नहीं करेंगे चाहे कोई भी आंदोलन हो लोकतंत्र और जनभावनाओं का घोर अनादर है।"
सरकार की इस बेरुखी और छात्रों पर ढहाए जा रहे दमन चक्र के खिलाफ 26 जुलाई 2026 को सुबह 10:00 बजे एक विशाल विरोध मार्च निकाला जाएगा।
शुरुआत: छत्रपति शिवाजी महाराज उद्यान (दादर) स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा से।
मार्च का स्वरूप: यह पूरी तरह से गैर-राजनीतिक (Apolitical) होगा। इस मार्च में किसी भी राजनीतिक दल का झंडा इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। केवल राष्ट्रध्वज और छात्रों के अधिकार की तख्तियां ही इसमें दिखेंगी।
ठाकरे ने न केवल छात्रों से बल्कि उनके माता-पिता और आम नागरिकों से भी बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की भावुक अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल एक परीक्षा का नहीं है, बल्कि उस रवैये का है जिसके तहत देश के नौजवानों के सपनों और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
NEET परीक्षा धांधली को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब केवल किसी एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से लगातार परीक्षा रद्द करने और पारदर्शी सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग जोर पकड़ रही है।
Updated on:
23 Jul 2026 02:15 pm
Published on:
23 Jul 2026 01:49 pm
