ऐसा माना जा रहा है कि एसएसपी की सख्ती की वजह से ही मोहर्रम पर कोई बड़ा विवाद नहीं हो पाया।
बरेली। मोहर्रम पर हुए विवाद के बाद भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ़ पप्पू भरतौल पर मुकदमा दर्ज कराने के बाद चर्चा में एसएसपी मुनिराज को फिलहाल जिले से नहीं हटाया जा रहा है। एसएसपी को हटवाने के लिए भाजपा विधायक ने सरकार से लेकर संगठन तक पैरवी की लेकिन एसएसपी की कुर्सी बरकरार है। ऐसा माना जा रहा है कि एसएसपी की सख्ती की वजह से ही मोहर्रम पर कोई बड़ा विवाद नहीं हो पाया। जिसके चलते एसएसपी की कुर्सी सलामत है।
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लखनऊ तक लगाई दौड़
विधायक पप्पू भरतौल और बेटे विक्की भरतौल पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने विधायक के आवास पर दबिश भी दी थी जिससे भाजपा के नेताओं ने नाराजगी जताई थी। विधायक के समर्थन में बीजेपी के सांसद और विधायक सर्किट हाउस भी पहुंचे थे और आईजी रेंज से भी एसएसपी की शिकायत की थी। विधायक ने एसएसपी को हटवाने के लिए लखनऊ में संगठन मंत्री सुनील बंसल से भी मुलाकात की थी और एसएसपी को हटाने की मांग की थी। भाजपा नेताओं की एकजुटता और विधायक की लखनऊ तक की दौड़ से लग रहा था कि एसएसपी पर कार्रवाई हो सकती है लेकिन फिलहाल अभी एसएसपी को नहीं हटाया जा रहा है।
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मीटिंग पर थी सबकी नजर
सभी की नजर शुक्रवार को जिले में हुई बैठक पर सबकी नजर थी। शुक्रवार को प्रभारी मंत्री ब्रजेश पाठक ने अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की और संगठन मंत्री सुनील बंसल ने लोकसभा चुनाव को लेकर बैठक की। इस दोनों बैठकों पर सबकी नजर थी। प्रभारी मंत्री ने विकास भवन में समीक्षा बैठक ली तो सबकी नजर कप्तान पर ही थी लेकिन बैठक में कुछ ख़ास नहीं हुआ। वही प्रभारी मंत्री ने कहा कि विधायक पर दर्ज मुकदमे वापस होंगे और इस मामले में मुख्यमंत्री ही संज्ञान लेंगे।
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हमीरपुर में गिरी गाज
कुछ इस तरह का विवाद हमीरपुर में भी एक शोभायात्रा निकालने के दौरान हुआ था लेकिन अफसरों ने वहां ढिलाई बरती जिसका नतीजा यह हुआ कि हमीरपुर में बवाल हो गया था। बड़ी में भी मोहर्रम पर कई बार विवाद की स्थिति बनी लेकिन एसएसपी मुनिराज की सख्ती के चलते कही बड़ी घटना नहीं हो पाई।
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