दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर जाम और हादसों का पर्याय बने नवदिया झादा चौराहे की तस्वीर अब बदलने जा रही है। शहर के सबसे बड़े ब्लैक स्पॉट पर तैयार हो रहा सिक्सलेन फ्लाइओवर जून से यातायात का नया गेमचेंजर बनेगा।
बरेली। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर जाम और हादसों का पर्याय बने नवदिया झादा चौराहे की तस्वीर अब बदलने जा रही है। शहर के सबसे बड़े ब्लैक स्पॉट पर तैयार हो रहा सिक्सलेन फ्लाइओवर जून से यातायात का नया गेमचेंजर बनेगा। करीब दो साल से चर्चा में रही यह परियोजना अब रफ्तार पकड़ चुकी है और बरेली के सफ़र की दिशा ही बदल देगी। 29.83 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 980 मीटर लंबा सिक्सलेन फ्लाइओवर जनवरी में पूरा होना था, लेकिन कुछ कारणों से कार्य अधूरा रह गया। अब फ्लाइओवर का मुख्य स्ट्रक्चर पूरी तरह तैयार है और दोनों ओर एप्रोच रोड का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। परियोजना को अंतिम चरण में लाने पर जोर दिया जा रहा है।
फिलहाल निर्माण कार्य का फोकस नैनीताल रोड साइड के एप्रोच पर है। इसके पूरा होते ही शाहजहांपुर साइड के एप्रोच पर काम तेज कर दिया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले एक महीने में पहला एप्रोच तैयार कर लिया जाएगा, जिससे परियोजना की रफ्तार और बढ़ेगी।
फ्लाइओवर के नीचे बीसलपुर रोड पर अंडरपास का निर्माण जारी है। इसके चलते सड़क बंद है और वाहन चालकों को करीब एक किलोमीटर घूमकर एप्रोच मार्ग पकड़ना पड़ रहा है। इससे रोजाना जाम और परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन जून तक फ्लाइओवर और अंडरपास चालू होते ही लखनऊ–दिल्ली हाईवे और बीसलपुर रोड दोनों पर यातायात सुचारु हो जाएगा।
नवदिया झादा चौराहा बीते वर्षों में कई भीषण सड़क हादसों का गवाह रहा है। इसी वजह से इसे जिले का सबसे संवेदनशील ब्लैक स्पॉट माना जाता था। सिक्सलेन फ्लाइओवर के शुरू होते ही न सिर्फ दुर्घटनाओं पर ब्रेक लगेगा, बल्कि ट्रैफिक स्मूद होकर हाईवे की रफ्तार नई ऊंचाई छुएगी।
इस परियोजना का ठेका एनएचएआइ मुरादाबाद द्वारा मेसर्स विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। कार्य समय पर पूरा हुआ तो जून से नवदिया झादा फ्लाइओवर पर वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।
नवदिया झादा पर सिक्सलेन फ्लाइओवर का स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। दोनों ओर एप्रोच का निर्माण चल रहा है। फिलहाल नैनीताल साइड पर फोकस है, जिसे एक महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शाहजहांपुर साइड पर गति बढ़ेगी। अंडरपास का काम भी साथ-साथ चलेगा। जून तक परियोजना पूरी होने की संभावना है।
राहुल सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर