कर्ज और सूदखोरी के शिकंजे में फंसे एक युवक की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सुभाषनगर क्षेत्र के करगैना गैटिया निवासी विजय का शव सोमवार सुबह मिलक रौधी गांव के पास शिव मंगलम कॉलोनी के खंडहर मकान में फंदे से लटका मिला।
बरेली। कर्ज और सूदखोरी के शिकंजे में फंसे एक युवक की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सुभाषनगर क्षेत्र के करगैना गैटिया निवासी विजय का शव सोमवार सुबह मिलक रौधी गांव के पास शिव मंगलम कॉलोनी के खंडहर मकान में फंदे से लटका मिला। परिवार का आरोप है कि लगातार धमकियों और मारपीट से तंग आकर विजय ने खुद को फांसी लगाई, वहीं कुछ लोग हत्या की आशंका भी जता रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम विजय ने घरवालों से कहा था कि वह दिल्ली जा रहा है, लेकिन रात तक लौटकर नहीं आया। फोन करने पर भी मोबाइल बंद मिला। परिजन उसकी तलाश करते हुए सोमवार सुबह खंडहर मकान तक पहुंचे, जहां उन्होंने विजय का शव फंदे पर देखा।
भाई विनोद साहू ने बताया कि विजय ने पड़ोस के कुछ सूदखोरों से करीब 3 लाख रुपये उधार लिए थे। लगातार दबाव और धमकियों से परेशान होकर या तो उसने आत्महत्या की, या फिर किसी ने हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया।
विजय दिल्ली में सब्जी बेचता था और तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है, खासकर मां प्रेमवती का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। हर पहलू की छानबीन के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।