अतरछेड़ी गाँव के लोगों ने निर्णय लिया है कि एससी-एसटी कानून के विरोध में अब उनका गांव नोटा का विकल्प चुनेगा
बरेली। एससी एसटी एक्ट में बदलाव के बाद भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। अब भाजपा के गढ़ में ही भाजपा के इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है। आंवला लोकसभा क्षेत्र के अतरछेड़ी गाँव के लोगों ने एससी एसटी एक्ट के विरोध में गाँव में बैनर टांग दिए है। अतरछेड़ी गाँव के लोगों ने निर्णय लिया है कि एससी-एसटी कानून के विरोध में अब उनका गांव नोटा का विकल्प चुनेगा। गांव में जगह-जगह लोगों को जागरूक करने के लिए बैनर व पोस्टर लगाए गए हैं। अपील की गई है कि सभी लोकसभा चुनावों में किसी भी दल को वोट नहीं करेंगे।
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सर्वणों के साथ हुआ धोखा
सवर्ण बाहुल्य गांव अतरछेड़ी के लोगों का कहना है कि गाँव के लोगों ने हमेशा से भाजपा को वोटिंग की है। उनके गांव का 90 प्रतिशत वोट भाजपा को गया है, परन्तु भाजपा ने सवर्णों के साथ धोखा किया है। गांव के लोग इससे बहुत व्यथित हैं और आगामी लोकसभा चुनावों में नोटा का प्रयेग करेंगे।गांव के ही राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक व आखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नेता जयगोविंद सिंह ने कहा कि उन्हें भाजपा से ऐसी उम्मीद नहीं थी इस लिए गाँव के लोगों ने आने वाले लोकसभा के चुनाव में नोटा पर वोट करने का फैसला किया है।
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लगाए गए बैनर
गाँव में जगह जगह पर बैनर और पोस्टर लगाए गए है जिसमे लिखा है कि कृपया गाँव में वोट मांग कर शर्मिंदा न करें इसके साथ ही बैनर में लिखवाया गया है एक ही संकल्प नोटा ही विकल्प। बैनर और पोस्टर के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि आने वाले चुनाव में किसी भी पार्टी को वोट न दे और नोटा का बटन दबाने की अपील की जा रही है।
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