फरहत नकवी की तरफ से मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई थी, जिसमें इस तरह की बयानबाजी करने वाले तमाम मुफ्तियों की डिग्रियों की जांच कर उन पर कार्रवाई करने की मांग उठाई गई थी।
बरेली। उत्तर प्रदेश सरकार अब मुफ्तियों की डिग्री की जांच कराने जा रही है। तलाक पीड़ित महिलाओं की लड़ाई लड़ने वाली मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी की शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने मुफ्तियों की डिग्री की जांच के आदेश दिए है। सरकार के इस फैसले से मदरसों के मुफ्तियों में हड़कम्प मचा हुआ है।
क्यों की गई शिकायत
तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह के खिलाफ आवाज उठाने पर उलेमा ने फरहत नकवी को गैर मुस्लिम करार देते हुए बयानबाजी की थी। मामला तूल पकड़ गया था। इस पर नाराज होकर फरहत नकवी ने ऐसे तमाम मुफ्तियों की डिग्रियां जांच करने की मांग शासन से की थी। उनका आरोप है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे मुफ्तियों की डिग्रियों की जांच होना चाहिए जो बयानबाजी करते हैं। फरहत नकवी की तरफ से मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई थी, जिसमें इस तरह की बयानबाजी करने वाले तमाम मुफ्तियों की डिग्रियों की जांच कर उन पर कार्रवाई करने की मांग उठाई गई थी।
सीएम कार्यालय ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव अमित सिंह ने अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए आदेश दिए हैं। शासन स्तर से मुफ्तियों की डिग्री की जांच शुरू हो गई है। शासन ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है।
फरहत को मिल चुकी हैं धमकियां
तलाक पीड़ित महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ रही फरहत नकवी को कई बार पूर्व में धमकियां भी मिल चुकी है और एक बार सरेआम उनको अगवा करने की कोशिश भी हो चुकी है। जिसको देखते हुए प्रशासन ने फरहत नकवी को सुरक्षा भी मुहैया कराई हुई है। वही फरहत नकवी का कहना है कि वो महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ती रहेंगी और पीड़ित महिलाओं की आवाज प्रशासन से लेकर सरकार तक पहुँचाने का काम करेंगी।