- 22 करोड़ रुपए तो लग गए, लेकिन कनेक्शन डेढ़ साल से अटका - नगरपरिषद मांग रही रोड कटिंग राशि, डिस्कॉम कर रहा आनाकानी
बाड़मेर. बाइस करोड़ की केबल दो विभागों के बीच एेसी फंसी है कि डेढ़ साल से अटकी हुई है। मामला है बाड़मेर शहर में अंडरग्राउंड केबल बिछाने का है। 2014 में योजना आरम्भ हुई और 2016 में काम पूरा हो गया, लेकिन इसके बाद नगरपरिषद और डिस्कॉम में रोड कटिंग को लेकर एेसी खींचतान हुई जो अब तक नहीं सुलझी है। इसके चलते सरकार के करोड़ों रुपए बेकार होते नजर आ रहे हैं तो शहर भी विद्युत तारों के मक्कडज़ाल से बाहर नहीं आया है।
बाड़मेर शहर को विद्युत तारों के जाल से निजात दिलाने को लेकर डिस्कॉम ने अंडरग्राउंड केबल योजना बनाई। योजना के तहत शहर से विद्युत खम्भों को हटा कर घरेलू विद्युत कनेक्शन को अंडरग्राउंड विद्युत लाइन से जोडऩा था। 22 करोड़ की इस योजना को लेकर डिस्कॉम ने 2014 में कार्य आरम्भ किया। यह कार्य करीब दो साल तक चला और शहर के गली-गली और मोहल्ले-मोहल्ले में केबल बिछाने के साथ डीपी लगाने का कार्य पूरा हो गया। इसके बाद लगा कि जल्दी ही शहर में अंडरग्राउंड केबल से घरेलू कनेक्शन जोड़ जाएंगे, लेकिन यहां केबल में पेच पड़ गया। यह पेच रोड कटिंग को लेकर हुआ। नगरपरिषद ने घरों तक केबल बिछाने के लिए रोड कटिंग की एवज में 1 करोड़ 40 लाख रुपए देने पर ही सड़कों को तोडऩे का नोटिस दिया। इस पर डिस्कॉम ने हाथ खड़े कर दिए और मामला अटक गया। यह स्थिति डेढ़ साल से जारी है।
क्षतिग्रस्त हो रही डीपी-
लम्बे समय से डीपी से घरेलू कनेक्शन नहीं जुडऩे से डीपी की डिस्कॉम भी सुध नहीं ले रहा। इसका असर यह है कि कई जगह डीपी के दरवाजे टूटे हुए हैं तो कहीं लोगों ने विद्युत तार व फ्यूज तक गायब कर दिए हैं।
तारों का मकडज़ाल
- इधर, शहर की तंग गलियों में खम्भों से निकलने वाली विद्युत लाइनें घरों की छत, बालकानी, दरवाजे आदि को छू कर निकल रही है। इसके चलते लोगों का छत पर जाना भी दुश्वार हो गया है।
डिमांड राशि जमा करवाएंगे-
रोड कटिंग को लेकर डिमांड राशि की मांग नगरपरिषद ने की है। एक चेक 54 लाख का दे दिया है। जल्दी ही राशि जमा करवा कर अंडरग्राउंड केबल लाइन शुरू कर देंगे।
- मांगीलाल जाट, अधीक्षण अभियंता डिस्कॉम बाड़मेर
डिमांड नोट भेजा है
- अंडरग्राउंड केबल से घरों में कनेक्शन के लिए रोड तोडऩी पड़ेगी, इसलिए रोड कटिंग राशि जमा करवाने के लिए डिस्कॉम को कहा है। डिमांड नोट बना कर भेजा है, राशि जमा होते ही इजाजत दे देंगे।
- प्रकाश डूडी, आयुक्त नगरपरिषद बाड़मेर