- ग्रामीण सड़कों की हालत खस्ता, गड्ढे व बिखरी कंकरीट के चलते वाहन चलाना हुआ मुश्किल -दस साल पहले बनी, अब तक नहीं हुई मरम्मत, अब पुनर्निमाण की जरूरत
बालोतरा.
खंड बालोतरा-सिवाना में एक दशक से अधिक पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में बनाई 47 सड़कें खस्ताहाल हैं। गड्ढ़ें, बिखरी कंकरीट, टूटी पटरियों पर आवागमन को लेकर हर दिन हजारों जनों को परेशानी उठानी पड़ती है। इनके पुन: निर्माण को लेकर 37 करोड़ 18 लाख रुपए के बड़े बजट की जरूरत है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के भिजवाए प्रस्ताव को सरकार स्वीकृत करती है, तब क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में अच्छी सुविधा मिलेगी।
2006-07 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत काफी सड़कों का निर्माण करवाया गया था। लाखों रुपए खर्च कर बनाई सड़कों के चलते कई वर्षों तक ग्रामीणों को आवागमन में अच्छी सुविधा मिली। इसके बाद यातायात के अधिक दबाब व लगातार हुई अतिवृष्टि से सड़कों का दम निकल गया। खंड बालोतरा-सिवाना में 47 ऐसी सड़कें हैं, जो पूरी टूट,बिखर गई हैं। यहां से वाहन लेकर गुजरना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इससे आवागमन को लेकर हर दिन हजारों जनों को परेशानी उठानी पड़ती है। कई दुर्घटनाओं में चालक व सवारियां चोटिल हुई हैं तो कई जनों की जान भी गई है।
इन सड़कों के कायापलट की दरकार- सार्वजनिक निर्माण विभाग ने रिछोली-चंपाबेरी, चंपाबेरी-गोलिया विदा, पाटियाल फांटा- हनुमानपुरा, बागावास-ढूंढाली, माडपुरा- रबारा नाडा, बालोतरा- मेवानगर-सिनली, नेवाई रेवाड़ा सोढ़ा- भाखरसर-पाटोदी, डोली राजगुरु-गंगावास, सिनली जागीर- बजावास, भिमरलाई-चाकुरी ढाणी, कांकराला-विरदाणियों की ढाणी, गोल फांटा- निंबली, गोपड़ी- गोरधन की ढाणी, ग्वालनाड़ा- हलिया, सिवाना-गुंगरोट-गोलिया, पंऊ-कांखी, करमावास-सेवाली-खंडप, मोकलसर-मोतीसरा-डाबली,मजल- देवनगर सहित क्षेत्र की 47 सड़कों को खस्ताहाल माना है। इनके पुनर्निर्माण की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है।
विभाग ने भिजवाए प्रस्ताव- सार्वजनिक निर्माण विभाग ने खंड की बेहद खस्ताहाल 47 सड़कें चिह्नित कर इनके पुनर्निर्माण को लेकर प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भिजवाया है। विभाग ने 37 करोड़ 84 लाख 32 हजार रुपए के बजट की मांग की है। 18 लाख रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से विभाग ने बजट मांगा है। 16 मई को भिजवाए इन प्रस्तावों के शीघ्र स्वीकृत होने की उम्मीद है।
ग्रामीण सड़कों की हालत खस्ता- ग्रामीण सड़कों की हालत बहुत ही खराब है। सिंगल क्षतिग्रस्त सड़कों से गुजरना, मौत को निमंत्रण देने समान है। सरकार शीघ्र मरम्मत करवाएं। - ईश्वरसिंह चौहान
स्थिति खराब, पेचवर्क की दरकार- क्षेत्र में एक भी ग्रामीण सड़क अच्छी स्थिति में नहीं है। प्रतिवर्ष मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन दो माह में ही पेच उखड़ जाते हैं। पेचवर्क की दरकार है। - कलाराम माली
हर दिन उठाते परेशानी- बदहाल ग्रामीण सड़ाकों पर आवागमन में हर दिन हजारों जने परेशानी उठाते हैं। हादसों में लोग घायल होते व जान गंवाते हैं। सरकार शीघ्र ही इनका पुनर्निर्माण करवाएं। - मदनलाल भील
01- सिवाना. क्षतिग्रस्त मिठोड़ा-पादरू सड़क। - फाइल फोटा