
बाड़मेर. बिना सक्षम समिति के अधिप्रमाणन के चुनाव से संबंधित कोई भी विज्ञापन फोन, एसएमएस, रिंग टोन अथवा कॉलर टोन की श्रेणी में जारी नहीं किया जाएगा। कोई भी संस्था, दल या व्यक्ति ऐसा करता है तो वह उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अवहेलना की श्रेणी में शामिल होगा और ऐसे प्रसारित विज्ञापनों के विरूद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस सम्बन्ध में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. जोगाराम ने मोबाइल कंपनियों के संचालकों को निर्देशित किया है।
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निजी संपत्ति पर नहीं लगाएं चुनावी पोस्टर
बाड़मेर. विधानसभा चुनाव के दौरान शहरी क्षेत्रों में निजी संपत्ति पर राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 के प्रावधानों तथा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विज्ञापन का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। लेकिन निजी संपत्ति पर मालिक या अधिभोगी की लिखित स्वीकृति से केवल बैनर एवं झंडे लगाए जा सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी शिवप्रसाद मदन नकाते ने बताया कि निजी संपत्ति पर मालिक अथवा अधिभोगी की स्वीकृति के बाद ही बैनर और झंडे लगाए जा सकेंगे। नकाते ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोग के निर्देशानुसार निजी संपत्ति के मालिकों या अधिभोगियों की लिखित अनुमति से ऐसी सामग्री जो आसानी से हटाई जा सकती हो यथा झंडे और बैनर लगाए जा सकते हैं।
सरकारी विश्राम गृहों में राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध
बाड़मेर. विधानसभा आम चुनाव-2018 के दौरान जिले के सभी सरकारी विश्राम गृहों में ठहरकर राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने पर पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी शिवप्रसाद मदन नकाते ने बताया कि सरकारी विश्राम गृहों में स्थान उपलब्ध होने पर जेड व उससे ऊपर की श्रेणी में सुरक्षा प्राप्त राजनीतिक लोगों को आवास एवं भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा, लेकिन ऐसे व्यक्ति विश्राम गृहों में रहते हुए राजनीतिक गतिविधियों का संचालन नहीं कर सकेंगे। उन्होंने सभी रिटर्निंग अधिकारियों को विश्राम गृहों में आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालना कराने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश सभी राजकीय विश्राम गृहों, डाक बंगलों एवं गेस्ट हाउस पर लागू होंगे।