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पुजारी की हत्या के बाद बन गया मुम्बई का बाबू

- सिणधरी क्षेत्र में पुजारी की 25 जुलाई को हुई थी हत्या - 80 वें दिन पुलिस ने किया पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
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After murder of priest, Babu of Mumbai became

After murder of priest, Babu of Mumbai became

बाड़मेर/सिणधरी. करीब अस्सी दिन पहले बामणी गांव स्थित मुंजियों की प्याऊ स्थित रामदेव मंदिर के पुजारी की हत्या दो जनों ने की थी। लूट के इरादे से हुई हत्या के बाद एक जना मुम्बई चला गया और पुलिस को महराष्ट्र से गुजरात तक छकाता रहा। दूसरा साथी यहीं सिणधरी में रहकर कार्रवाई पर नजर रखे हुए था। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल और मुखबिरी के आधार पर 80 दिन बाद गुजरात के कच्छ भुज इलाके से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया और इसकी सूचना पर दूसरा आरोपी सिणधरी में पकडा गया। दोनों ने वारदात को अंजाम देना कबूल किया है।

पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल ने शनिवार को बताया कि 25 जुलाई की रात लूट के इरादे से पुजारी हरिराम की हत्या का मामला सामने आया। पुलिस की स्पेशल टीम ने आरोपी घुड़ाराम उर्फ धींगसिंह पुत्र महादेवराम निवासी जोरादार सरवाना जालोर हाल सिणधरी, ताजाराम पुत्र पूनमाराम निवासी धन्ने की ढाणी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने लूट के इरादे से हत्या करना स्वीकार किया।

यों खुला मामले का राज

पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी धींगसिंह साथी ताजाराम के साथ शराब पीकर बाइक से मंदिर पहुंचा। यहां कुछ देर तक इंतजार किया फिर लाठी के वार से पुजारी की हत्या कर धींगसिंह गुजरात पहुंच गया। यहां 15-20 दिन रुकने के बाद मुम्बई गया वहां मछुआरों के साथ बाबू नाम रखकर मजदूरी करने लगा। यहां पुलिस के पहुंचने से पहले कच्छ-भुज पहुंच गया। यहां कैटरिंग का काम करने लगा। आरोपी की तलाश में जुटे पुलिस की स्पेशल टीम प्रभारी प्रदीप डांगा भी पीछा करते रहे और गुजरात से आरोपी को दबोच लिया।

15 हजार किमी का तय किया सफर
बाड़मेर पुलिस के लिए पुजारी की हत्या का पर्दाफाश करना चुनौती बन गया था। मामले की जांच को लेकर एसपी ने सब इंस्पेक्टर प्रदीप डांगा के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाई। टीम बलारी, गुजरात, मुम्बई सहित कई शहरों में गई। करीब 15 हजार किमी का सफर तय किया। पुलिस ने बताया कि मामले के खुलासा करने में घटनास्थल से बरामद वस्तुएं, मोबाइल कॉल डिटेल व मुखबरी जांच का प्रमुख आधार रही।

जांच में इनकी रही भूमिका
थानाधिकारी गोपाल विश्रोई, प्रदीप डांगा, रावताराम, लजपतसिंह, रतिराम, मोहनराम, आम्बाराम, भींयाराम, साइबर सेल के प्रेमाराम व मेहाराम की विशेष भूमिका रही।

25 अगस्त की रात हुई थी हत्या
रामदेव मंदिर में 25 वर्षों से पूजा-अर्चना करने वाले पुजारी हरिराम पुत्र पेमाराम कलबी की हत्या 25 जुलाई की रात आरोपियों ने लूट के इरादे से की। पुजारी के हाथ से सोने का कड़ा, मुर्की, रुद्राक्ष की सोने की माला और अंगुठियां लूट लीं। कमरों के ताले भी तोड़ दिए थे। इस मामले में धरना- प्रदर्शन भी हुए।